क्या है विवाह कानून ? – Hindu Marriage Act in Hindi

  • Hindu Marriage Act 1955 के section 7 के मुताबिक , शादी हिन्दू धर्म के अनुसार , पुरे रीती-रिवाज से होनी चाहिए .
  • Section 8 शादी के registration के बारे में बताता है . State Government के बनाए नियमों के मुताबिक proof के लिए शादी का registration आवश्यक है .
  • Section 14 के मुताबिक , हिन्दुओं में शादी के बाद एक साल तक कोई भी तलाक (divorce) के लिए अदालत में अर्जी नहीं दे सकता है .
  • Section 15 के अनुसार , कोई भी व्यक्ति तभी दोबारा शादी कर सकता है , जब अदालत ने उसका तलाक स्वीकार कर लिया हो . अगर अदालत में तलाक का case चल रहा है , तो उस दौरान भी वह दोबारा शादी नहीं कर सकता .
  • Section 24 के अनुसार यदि applicant की salary कम है , चाहे वो पति हो या पत्नी , जो खर्च afford कर सकता है , उसे अदालत में case का खर्चा उठाना पड़ेगा . यही बात respondent पर भी लागु होता है .
  • Special Marriage Act 1954 के मुताबिक , शादी के लिए लड़के की उम्र 21 साल और लड़की की उम्र 18 से कम नहीं होनी चाहिए .
  • दोनों एक ही माता-पिता की संतान न हों .
  • शादी के बाद उसका written notice district के marriage officer को देना जरुरी है .
  • Marriage officer साडी formality पूरी करने के बाद ही new married couple को marriage certificate देता है .
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