गुस्से को कैसे काबू करें ? – How to control anger? in Hindi

गुस्से को कैसे काबू करें ? – How to control anger? in Hindi
हेल्लो दोस्तों आज का topic है गुस्से को कैसे काबू करें .
आज का दिन अच्छा नहीं है …
किसी ने कुछ कह दिया है और दिमाग काफी ख़राब हो रखा है और इसलिय आपको लगा की चलो internet से थोड़ी search कर के देख लेते हैं कि कैसे अपने गुस्से पर काबू पाया जाए .

मुझे पता है जब गुस्सा आता है तो कुछ समझ नहीं आता और सामने वाले की band बजने को मन करता है . पर जरा रुक के सोचते हैं कि गुस्सा करके किसको फ़ायदा होता है ? आपको तो बिलकुल भी नहीं और सामने वाले को तो पता ही नहीं , वो तो अपनी बात कहकर चला गया है और अपनी सरदर्द हमे दे गया है . लेकिन क्या किसी ऐसे व्यक्ति के बात पर इतना गौर करना चाहिए जो हमारे दिल को दुखाने की हिम्मत करता है क्यों ? हैं कौन ये ? अगर वो mummy papa है तो उनकी बातों का क्या बुरा मानना , उन्होंने तो अपनी पूरी जिंदगी हमारे ऊपर निछावर कर राखी है .

कोई दोस्त है तो उसकी भी बात का क्या बुरा मानना , दोस्तों में तो हसी मजाक चलता रहता है और उसको दोस्त कहलाने का हक भी तो हमी ने दिया है .

और अगर कोई ऐसा व्यक्ति है जो हर बार किसी न किसी बहाने आपका दिल दुखता रहता है , तो please अपने आप पर favour करें और उसे अपनी life से निकाल फेकें . अगर निकाल नहीं सकते क्योंकि उसके साथ ही रहना पड़ता है फिर ऐसी situation में don’t talk to them . उनसे बात न करे ,  कुछ दिन उनसे दूर ही रहे .

उनसे बात न करने का फ़ायदा ये होगा कि आप दुसरे को समय मिलेगा एक-दुसरे से अलग रहने का और ये इसलिए नहीं कि वो आपको पसंद नहीं या आपको उसे नफरत हो गई है , पर इसलिए क्योंकि आपको खुदसे बहुत ज्यादा प्यार है .और कोई भी व्यक्ति या चीज अगर आपको सुख नहीं दे सकती , तो उसे दूर ही रहना बेहतर है .

क्या जरुरत है ऐसे व्यक्ति से बात करने की जो हर समय हमे निचा दिखने की कोशिश करता रहता है , सिर्फ इसलिए ताकि वो अपने आप की नज़रों में ऊँचा उठ सके .

लेकिन अगर आप ये बात समझते है की आपको कई बार कुछ ऐसी छोटी-छोटी बातों का बुरा लग जाता है , जो सायद इतनी छोटी है जिनपर सायद दुसरे लोग ध्यान ही न दें . तो मैं आपके साथ कुछ simple से टिप्स share करना चाहता हूँ जिसे फॉलो कर आप अपने गुस्से पर काबू प् सकते हैं .

गुस्से को कैसे काबू करें ? – How to control anger? in Hindi

1 . बोलने से पहले सोचें – Think before speak

अगर किसी बात पर गुस्सा आया है तो कुछ भी बोलने से पहले या अपना reaction देने से पहले दो बार सोचो , कही ऐसा न कि नाराजगी में आप कुछ ऐसा बोल जाएँ जिसके लिए आपको बाद में बहुत दुख हो और पछतावे के कारण आपको ही आगे जाकर माफ़ी मांगनी पड़े . थोड़ा सा समय लीजिये अपने बात को simple तरीके से बोलने के लिए और सामने वाले को भी अपना तर्क देने का समय दीजिए .

2. गहरी साँस लेना चाहिए – Deep breathing

गुस्सा आने पर गहरी सांस लेना भी जरुरी है . आप 2 minute का समय लेकर गहरी-गहरी साँसें लीजिए और अपना सारा focus अपनी साँसों पर ले जाइए . इस तरह आपका मान थोड़ा शांत होगा और आप अपनी बात clearity के साथ कह पाएंगे . Normally आप दस बार गहरी सांस लें , उतना ही काफी है .

3. थोड़ा मुस्कुरा दें – Smile

ये सबसे कारगर है जब आप गुस्सा हों तो थोड़ा मुस्कुरा दें , हाँ मुझे पता है , जब गुस्सा आता है तो मुस्कुराना नामुमकिन हो जाता है . लेकिन एक बार सोचो कि दो लोग लड़ रहें हैं , पति-पत्नी जोर से लड़ रहें हैं , बहुत गुस्सा है एक-दुसरे से , इतने में पत्नी हलकी सी मुस्कराहट दे दे या हल्का सा मुस्कुरा दे , समझो वहीँ सारा tension ख़तम . आप एक बार जरुर ऐसा कर के देखें और फिर देखना ये magic .

गुस्से को कैसे काबू करें ? – How to control anger? in Hindi

4. झगड़े की जगह से हट जाएँ .

गुस्से को control करने है तो झगड़े की जगह से हट जाए , ये एक कारगर तरीका है अपने गुस्से को control करने के लिए . ये मैंने भी काफी बार आजमाया है . जब कोई गुस्सा हो रहा है तो किसी न किसी बहाने से आप उस जहग से ही हट जाइए . जैसे अभी कुछ दिन पहले मेरा एक friend मुझपे नाराज हो रहा था , मैंने थोड़ी देर सुना पर जैसे ही मुझे लगा कि अब मुझे भी गुस्सा आ रहा है तो बजाए वही उसको जवाब देने के , मैंने उस जगह से हट जाना ही बेहतर समझा . और बाद में जब वो शांत हो गया और मैं भी त्नोदा शांत था तो हमने आराम से उस बात को discuss किया .

5. Positive Thinking

झगड़ होना या गुस्सा होना दोनों ही नार्मल situation हैं . और ये हमारे daily life में होती रहती है . पर बड़ा वही है जो गुस्से का जवाब गुस्से से देने के बजाए थोड़ा सा positive thinking रखते हुए उस बात का solution ढूढ सके . जितने भी successful लोग हैं , ऐसा नहीं है कि उनके life में कोई problem नहीं आती , उनको गुस्सा नहीं आता , लेकिन वो लोग उन चीजों का solution ढूढ़ते हैं बजाय नाराज होने के .

6. माफ़ करने की हिम्मत करे – forgiveness

जब किसी पर गुस्सा हो तो उसको माफ़ करने का सवाल ही नहीं पैदा होता , जब हम किसी पर नाराज होते है तो हमारे mind में हमेसा यही खयाल आता है कि कबी भी उस व्यक्ति को माफ़ नहीं करना . पर आप जरा सी कोशिश करे तो सामने वाले को माफ़ करने में जरा भी वक़्त नहीं लगेगा . सोच लीजिए की उसकी ये नादानी है या सायद वो परेशान है इसलिए ऐसा कर रहा है . और उन लोगो के लिए जो हर बार आपको निचा दिखने के लिए मौका तलासते है तो उनके लिए तो मैं बस इतना कहूँगा की उन बेचारों की जिंदगी कितनी खली या frustrated होगी जो उनको आपको तकलीफ पहचानी पड़ती है अपने को खुश रखने के लिए . ऐसे लोग गुस्से की नहीं , दया के पात्र होते हैं .

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