बलात्कार ही नहीं और भी कई तरीके से शोषित होती है महिलाए – Not only rape, but also many women are exploited in many ways , in HINDI

बलात्कार ही नहीं और भी कई तरीके से शोषित होती है महिलाए – Not only rape, but also many women are exploited in many ways , in HINDI
Good girl ऐसी होती है… अच्छे घरों की लड़कियां ऐसे बात नहीं करती …. संस्कारी लड़कियां जोर से नहीं हंसती  …. ऐसे मत बैठो , ऐसा मत करो , ऐसा मत चलो , घर जल्दी आया करो , उस लड़के से बात मत करो … ये कैसा खाना बनाया है , ये क्या पहना है …. तुम किसी काम की नहीं हो …लड़के तुम्हे छेड़ रहे है , जरूर तुम्हारी ही गलती होगी … कल से तुम्हारा college जाना बंद ….

अब शादी करो और हमारा पीछा छोड़ो … हमारे सुसंस्कृत समाज में संस्कृति के नाम पर लड़कियों को ना जाने कितना कुछ सुनाया जाता है और कितना कुछ discipline के नाम पर सिखाया जाता है . कितना reasonable है , कितना non reasonable , बिना ये सोचे-समझे लड़कियों को अनगिनत हिदायतें दे दी जाती है और इसके बावजूद सबसे ज्यादा शोषित (exploited) वही होती है और सबसे ज्यादा शोषण करने वाले वही होती है , जो हिदायते देते है।

कभी घर की देहलीज़ लांघने से रोकना , कभी संस्कारो के नाम पर बेहिसाब बन्धनों में बांध देना , उसके पंख कतर कर ही उसे सुरक्षा का आभास देने का झूठा दिलासा देना और कभी मासूम से जिस्म पर भी बुरी नियत रखना , राह पर चलते-चलते उसे गंदे comment करना , कभी दहेज (dowry) के नाम पर उसे जिन्दा जला देना , कभी कोख में ही उसे मार देना , तो कभी जन्म के बाद उसे यातनाये देना।

शोषण का ना तो कोई level होता है और ना ही कोई measurement ।  शोषण सिर्फ शोषण ही होता है , जो मन पर कई अनदेखे , अनगिनत दाग छोड़ जाता है , जिसका सामना करने की courage हर लड़की नहीं कर पाती।

Rape एक जघन्य crime है , लेकिन आज भी ये crime अपने घिनोने रुप के साथ society में फेल रहा है . लेकिन rape के अलावा भी कई ऐसे crime है , जिनके जरिये महिलाये शोषण का शिकार हो रही है .

जैसे – Family में ही husband द्वारा हर बात पर ताना मारना , खाना परोसने पर देर हो जाने पर खाने की थाली को उठा के फेक देना , पत्नी द्वारा कुछ पूछने पर उल्टा जवाब देना , पत्नी की unnatural sex के लिए मजबूर करना … यदि इसके अलावा घर की बेटी यदि अपनी suggestion दे , तो उसे चुप कर देना , उसके पहनने-ओढने से लेकर चलने-फिरने व हसने-बोलने तक पर टोकना , पाबंदी लगाना ये तमाम ऐसी बातें है जो किसी भी लड़की को mentally से बेहद प्रताड़ित (oppressed) करता है , क्योंकि इन बातों से उसका respect और self-esteem affected होता है .

National crime bureau के data के मुताबिक कुछ बेहद चोकनेवाले facts सामने आये है .

  • India में महिलाये सबसे ज्यादा unsafe अपने घरों, खासतौर से ससुराल में ही है .
  • National crime bureau के data के अनुसार , महिलाओं पर होनेवाले विविन्न तरह के crimeमें 43.6% serious crime उनके पति व relatives द्वारा ही किये जाते है . यहाँ भी गौर करने वाली बात ये है कि इन data में marital rape शामिल नहीं किया गया है , क्योंकि उसे crime माना ही नहीं जाता .
  • महिलाये domestic violence , owner killing , acid attack , योन शोषण , भेदभाव , छेड़छाड़ , rape , दहेज़ , human trafficking आदि की बहुत ज्यादा शिकार आज भी होती है .
  • Year 2001-2011 के बीच लगातार महिलाओं के प्रति हो रहे शोषण का data बढ़ता गया और 49% तक बढ़ा .

छेड़छाड़-

राह में चलते हुए , train या bus में travel करते हुए छेड़छाड़ का शिकार होना आम बात हो गई है , भले ही ये crime है , लेकिन कानून को ignore करते हुए सड़कछाप मजनू हर गली व नुक्कड़ पर नजर आ जाते है .

Daily की ये छेड़छाड़ को starting में ignore कर देती है . लेकिन ये आगे चलकर serious हो सकता है . अक्सर इस तरह की घटनाये future में rape , acid attack या murder जैसे और भी serious crime में convert होती है .

छेड़छाड़ का सीधा-सीधा relation महिलाओं के respect से जुड़ा होता है . ऐसे में सबसे जरुरी है की society में लोग और खासतौर से पुरुष-महिलाओं के प्रति respect की feeling रखे . जब तक ये mentality किसी society में नहीं बनेगी , तब तक इस तरह की घटनाओ को कम कर पाना मुश्किल होगा.

हम अक्सर कहते है की महिलाएं  पढ़-लिख जाये , self-dependent हो जाये , तो उनके खिलाफ crime कम होंगे . साथ ही यदि crime हो भी , तो वो बेहतर तरीके से उनसे लड़ पायेंगी. लेकिन दूसरी तरफ एक वर्ग ये भी तर्क देता है की पढाई-लिखाई अपनी जगाह सही है , लेकिन यदि पुरुष ही महिलाओ के प्रति सम्मान की भावना नहीं बढ़ाएंगे तो बदलाव कैसे possible है ?

ऐसे में जरूरी है पारिवारिक व सामाजिक स्तर पर सोच में बदलाव के प्रयास किया जाये ,क्योकि कई बार इस तरह की छेड़छाड़ से तंग आकर लड़कियां suicide तक कर लेती है . इनमे से कुछ तो अपने परिवार वालों से इस topic में बात करने से भी कतराती है , क्योंकि उनके mind में कही ना कही ये fear होता है की उनके parents कही उन्हें ही इसके लिए responsible ना ठहरा दे .

नोट : बेहतर होगा की लड़कियां और उनके परिवर वाले भी छेड़छाड़ की घटनाओ के डर के साये में जीने की बजाये time रहते जरुरी कदम उठाये , अपने घर में भी बेटों को सिखाये की वो महिलाओ का respect करे.

शारीरिक और मानसिक प्रताड़न – Physical and mental harassment

भेदभाव से लेकर तमाम तरह के शोषण से जूझती किसी भी लड़की के लिए life के कड़वे अनुभव mental harassment से कम नहीं . बचपन में अपने ही घर पर परायो सा व्यवहर और यदि ससुराल अच्छा नहीं मिला , तो वहा बात-बात में insult , कभी पति की बेवफाई चुपचाप सहना की हिदायतों से , तो कभी मार-पिटाई से उसे प्रताड़ित किया जाता है .

नोट: यह सच है की अभी society में काफी changes आ रहा है और हर लड़की ऐसे ही प्रताड़ित होती है , यह भी सच नहीं , लेकिन इस fact से भी मुह नहीं मोड़ा जा सकता की पूरी life लड़कों के मुकाबले लड़कियों  को life के कड़वे अनुभव , भेदभाव ,  शोषड़ आदि अधिक झेलने पड़ते है , वो भी  मात्र इसलिए की वो एक लड़की है .

मानव तस्करी – Human Trafficking

चाहे जिस्मफरोशी के लिए हो या अन्य कारणों से , मानव तस्करी (human trafficking) एक बहुत बड़ी problem है , जो वर्षों से हो रही है . गरीब family व गाव-कस्बों की लड़कियां व उनके family को बहला-फुसलाकर , बड़े सपने दिखाकर और सहर में अच्छी job का लालच देकर बड़े दामों में बेच दिए जाता है या घरेलु नौकर बना दिया जाता है , जहा उनका अन्य तरह से और भी शोषण किया जाता है.

New Delhi के western side में घरेलु नौकर करवाने वाली लगभग 5000 agencies human trafficking के भरोसे ही फल-फुल रही है . इनके जरिये अधिकतर छोटी बच्चियों को ही बेचा जाता है , जहा उन्हें घरो में 16 घंटो तक काम करना पड़ता है .साथ ही वहा ना सिर्फ उनके साथ मार-पिट की जाती है , बल्की अन्य तरह के शारीरिक व मानसिक शोषण का भी वो शिकार होती है .

नोट : Human trafficking में अदिकांस बच्चे बेहद गरीब इलाको के होते है .  अत्यधिक गरीबी , education की कमी और सरकारी नीतियों का ठीक से लागु ना होना ही बच्चियों को human trafficking का शिकार बनने की सबसे बड़ी वजह बनता है . Human trafficking में सबसे ज्यादा बच्चिया India के East area के अंदरूनी गावो से आती है . लेकिन agent सबसे पहले इस कड़ी में भूमिका निभाते है .

ये agent गाँव के बेहद गरीब family की कम age की बच्चियों पर नजर रखकर उनके family को सहर में अच्छी नौकरी के नाम पर झांसा देते है . ये agent इन बच्चियों को घरेलु नौकर available करने वाली organisation को बेच देती है . आगे चलकर ये organisation ओर अधिक दाम में इन बच्चियों को घरो में नौकर के रुप में बेचकर profit कमाती है .

ना सिर्फ घरेलु नौकर बल्कि जिस्मफरोशी के जाल में भी ये बच्चिया फंस जाती है और हर level और हर तरह से इनका शोषण होने का क्रम जरी रहता है .

वैश्यावृति व सेक्स वर्कर्स – Prostitution and sex workers

India में एक तरह से देखा जाये तो कानूनी भाषा में वैश्यावृति (prostitution) को गैरकानूनी (illegal) नहीं बताया गया है , लेकिन उनसे जुड़ी activity को illegal बताया गया है , जैसे – वेश्यालय ये ऐसी संस्था चलाना , hotel में prostitution , दलाली करना आदि . निजी तौर पे यदि कोइ sex worker अकेले में पैसे के लिए अपने जिस्म का सौदा करती है , तो उसे illegal नहीं माना  जाता , लेकिन यदि वो सरेआम , prostitution या hotel आदि में इस तरह का काम करती है तो वो illegal है .

हलाकि prostitution को पूरी तरह से legal कर देने की वकालत कई लोग कर चुके है . दूसरी ओर इस जाल में फंस चुकी लड़कियों को ना तो समाज accept करता है ना ही उनकी अपनी family. इसके अलावा ये कई गंभीर रोगों , खासतोर से योन रोगों की भी शिकार हो जाती है और इलाज व सुविधाओ के अभाव में दर्दनाक जिंदगी जीने पर मजबूर हो जाती है .

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