उल्टा प्रयत्न – Reverse effort In Hindi

मनुष्य अपने जीवन को सुखमय बनाने के लिये ही अनेक साधनों में लगा हुआ है . प्रथम वह विध्या पढता हिया जिससे उसे ज्ञान हो , फिर धन इकट्ठा करता है जिससे सुख मिले , फिर सन्तान और अनेक व्यवहार में जाता है जिससे उसे बुढ़ापे में भी सहायता मिले , मरते दम तक उसे आराम मिले . बस उसे इतनी ही जिन्दगी का ख्याल है , इससे आगे नहीं . वह अपना एक छोटा जीवन अधिक से अधिक सौ वर्ष का समझता है और उसे ही सुख से काटने की बात सोचा करता है . मरने के बाद , उसका यह विचार है कि हमारा नाश हो जायेगा , हम नहीं रहेंगे . बस इसीलिए वह आगे की नहीं सोचता , और इस जीवन को जैसे भी अनाचार आदि से सुख मिले , भोगता जाता है . चोर ने सोचा है किसी तरह धन इकठ्ठा कर लूँ , व्यभिचारी सोचता है खूब मौज कर लो जीवन के दिन चार है , एक अधिकारी सोचता है रिटायर होने वाला हूं कैसे ही धन कमा लूँ , गरीब सोचता है कुछ नहीं पाया बुढ़ापा आ गया और अब मौत आयेगी .

उल्टा प्रयत्न – Reverse effort In Hindi

परन्तु ये सब सोचना ऐसे ही है , जैसे एक आदमी सोचता है , संध्या होने को है , जल्दी-जल्दी खेत काट लो , भोजन की सामग्री ले आओ , आज का प्रबन्ध ठीक है , कल का कल करेंगे . परन्तु यही एक दिन तो हमारे जीवन का नहीं है , ऐसी अनेक रातें आएगी , अनेक दिन आएंगे . सौ वर्ष में कितने दिन , कितनी रातें आएँगी . ऐसे ही यह जीवन बहुत लम्बा है , कितना बड़ा है , इसका तो ठीक पता लगेगा नहीं , लेकिन हाँ , इतना बता सकते हैं कि जब तक उः सृष्टि रहेगी , हम रहेंगे और जब से सृष्टि का प्रारम्भ था , तभी से हमारी भी आरम्भ था .

यह कोई अपनी ही बात नहीं है , शास्त्रों की तथा महापुरुषों की खोज है , उनका कथन है . आप जानते हैं – कल सबेरे जिसे मरना है , उसे आज का पता नहीं है . ऐसे ही यह जीवन अनन्त है , अत: तुम्हे उस अनन्त के लिए ही सोचना पड़ेगा . एक दिन हो तो भूखे काट दो , एक दिन हो तो दुख में बिता दो , एक ही दिन हो तो पाप कर लो , परन्तु दिन बहुत हैं , सोच समझ कर आगे चलो .

आप कहेंगे – इसका कोई कैसे प्रबंध करेगा ? कहां तक हमारे पूण्य-पाप मिखेंगा ? कैसे इसके अनुसार हमें सुख-दुख मिलेगा ? सो यह आप निश्चय जानिये कि इसका भगवान का एक बड़ा सुन्दर प्रबन्ध है , आपके ही अन्तर में एक ऐसा स्वचालित यंत्र लगा दिया है , जो प्रतिक्षण के काम को देखेगा , उसे रिकॉर्ड करेगा वह ऐसे ही जैसे आपके मकान के द्वार पर  विधुत का एक मीटर लगा है जो आपके मकान के भीतर की तमन खर्च की हुई बिजली का पता मालिक को बता देता है , चाहे तुम कितना ही छुप करके बिजली खर्च करो . आज रात तुमने चोरी की है , कल दिन अवश्य होगा , तुम पकड़े जाओगे , दंड भोगना पड़ेगा . ऐसे हो मरते दम पर भी किया हुआ कर्म व्यर्थ नहीं जायेगा , जन्म होगा और उसक फल तुम्ही को भोगना होगा .

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