पैरों की नियमित देखभाल – Routine of foot care in Hindi

पैरों की नियमित देखभाल – Routine of foot care in Hindi

पैरों में खुजली होने पर नींबू या सिरका (vinegar) लगाएं .

अनुपयुक्त जूतों से पैरों में मस्से व ठेस पड़ जाती है . गलत ढंग से चलने पर भी ऐसा हो जाता है . सुबह खाली पैर घास पर चलने से बड़ी राहत पहुँचती है .

मस्सों आदि पर प्याज या लहसुन बांधने से दर्द में आराम होता है , Brush से रगड़ने पर ठेस दूर हो जाती है .

टांगों में मोच आ जाने पर प्रयाप्त मात्रा में vitamin-c और calcium खाने से आराम मिलता है .

रुई से nail-polish remover लगाकर नाखून साफ करें . सप्ताह में एक बार तो नाखूनों को अवश्य साफ करें .

पैरो को गर्म पानी में साबुन से धोएं और pumice stone से रगड़े . पैर सुखाकर नाखूनों को shape (काटकर) दें किनारे छोड़ दें . इस प्रकार अंदर को बढ़ते नाखून ठीक हो जाते हैं . अब इन्हें रेगमार से एक सा कर लें .

नाखूनों को निचे से भी साफ कर लें और इन्हें remover से नर्म करके उन पर से चमड़ी उतार दें . अब आपके नाखून polish के लिए तैयार हैं .

उँगलियों को बिच में रुई लगा लें ताकि polish फ़ैल न जाएँ . इसके बाद nail-polish का प्रयोग करें .

जिन युवतियों और महिलाओं के पैर में अत्यधिक पसीना आता हो वो चिकनाई लगाने से पूर्व थोड़ी दी शराब द्वारा अपने पैरों की मालिश करें और फिर talcum लगाने की वजाय थोड़ी सी क्रमिनाशक पाउडर का प्रयोग करें , जो पैरों को सूखने में विशेष सहायक है .

इसके अलावा दस प्रतिशत boric acid powder सामान्य talcum में मिलाकर उसे अपने पैरों पर मल लें . अगर आप फिर भी यह अनुभव करें कि अभी तलवों आदि में पसीना आना शेष है तो क्रमिनाशक पाउडर जूतों के भीतर छिड़क दें .

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