विचारों की स्वच्छता जरुरी – Sanitation your important ideas in Hindi

विचारों की स्वच्छता जरुरी – Sanitation your important ideas in Hindi
हम कितने भी चालाक हों , बनावटी प्रशंसा द्वारा हम अपने हिन् व्यक्तित्व को छिपा नहीं सकते . हम अपने वास्तविक जीवन को दूसरों से अधिक देर तक छिपाकर नहीं रख सकते . संतुलित व्यक्तित्व के लिए अन्त:करण की निर्मलता , विचारों की स्वच्छता और चिंतन संबंधी शुद्धता नितांत आवश्यक है .

समय की पुकार है – कृपया अपने को बदलिए . मन को हर पल , प्रतिक्षण , निर्मानोंमुक्त रखिए . तब आप जीवन में स्पृहणीय वस्तुओं , स्थितियों और सुखों को प्राप्त कर सकेंगे , जो आपके लिए आवश्यक , शुभ और आनंदप्रद है .

आत्मसंयम में प्रबल शक्ति है . वास्तव में ये ऐसा गुण है , जिसकी जितनी प्रशंसा की जाए , कम है . इसी एक गुण के कारण Abraham Lincoln जैसा झगड़ालू और उग्र व्यक्ति इतना ऊँचा उठ सका . अपने यौवन काल में Abraham Lincoln बड़ा ही झगड़ालू और उग्र स्वभाव का था , लेकिन ‘ Black Hawk ‘ नमक युद्ध के समय उसने इस प्रवृत्ति पर काबू प् लिया . वह प्राय: कहा करता था – ‘ आत्मसंयम (self-control) इतना प्रभावशाली होता है कि उसके सम्मुख अन्य गुण फीके पड़ जाते हैं . ‘

बिना आत्मसंयम (self-control) के कोई भी व्यक्ति न सफल हो सकता है और न उन्नति ही कर सकता है . किसी भी सफल व्यक्ति से पूछकर देखिए , उसकी सफलता का रहस्य होगा , आत्मसंयम . कैसी भी कठिनाइयाँ आएं , कितनी भी प्रतिकूल अवसर हों , मार्ग कितना ही काँटों से भरा हो , आत्मसंयम के सहारे ही आगे बढ़ा जा सकता है . जिसमें आत्मसंयम होता है , उस पर अन्य व्यक्ति भी विश्वास कर सकता है , उसकी साख दिनों-दिन बढ़ती जाती है , क्योंकि जो अपने पर भरोसा कर सकता है , उन्ही पर दुसरे भी भरोसा करते हैं . जो अपने आ पर काबू नहीं रख सकता , वह दूसरों पर क्या काबू रखेगा .

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