खीर खाने से क्या होता है ? Summer useful benefits of Cucumber in Hindi

आयुर्वेद के अनुसार खीरा स्वादिष्ट , शीतल , प्यास , दाह , पित्त तथा रक्त पित्त दूर करने वाला , रक्त विकार और मूत्र कच्छनाशक फल है . खीरे की तासीर ठंडी है , गुणों की दृष्टि से यह ककड़ी से मिलता-जुलता फल है , इसके सेवन से प्यास शांत होता है और पेट व जिगर की जलन मिटती है . सलाद में खीरे का उपयोग अक्सर किया जाता है , इसमें vitamin-B और C प्रचुर मात्रा में होता है . Potassium , calcium , phosphorus , गंधक , iron और अन्य अपयोगी तत्व हमें खीरे में मिलते है .

खीर खाने से क्या होता है ?

खीरा कब्ज दूर करता है , खीरे में जलीय अंश काफी मात्रा में होने से बार-बार लगने वाली प्यास में यह राहत पहुंचाता है , छाती में जलन , पेट की गैस और acidity में नियमित रूप से खीरा खाने से लाभ होता है .

मोटापे से परेशान लोगों के लए सवेरे का समय इसका सेवन फायदेमंद होता है , इससे वह दिनभर fresh और शरीर में हल्कापन महसूस करेंगे .

गुर्दों से सम्बंधित बीमारियों में खीरे के रस का सेवन लाभप्रद पाया गया है , शरीर के हानिकारक कीटाणुओं को नष्ट कर , खीरा हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता के विकास में सहायक होता है  .

भूख न लगने की शिकायत में खीरे का सेवन भूख बढ़ाता है .

आंतों की गति को उत्तेजित करने के लिए खीरा रेशा प्रदान करता है इसलिए कब्ज व उदर रोगियों को प्रतिदिन दो खीरों का सेवन जरुर करना चाहिए .

इसके नियमित सेवन से मूत्र विकार दूर होता है तथा पेशाब खुलकर आता है .

खीरे के औषधिय गुण क्या है ?

भोजन के साथ नमक , कली मिर्च , निम्बू डालकर सलाद के रूप में खीरे का सेवन करने से खाना आसानी से पचता है और भूख में वृद्धि होती है .

घुटनों का दर्द दूर करने के लिए भोजन में खीरा अधिक खाएं और लहसुन की एक कली साथ खाएं तो लाभ होगा .

पथरी के रोग में खीरे का रस 250 ग्राम दिन में तीन दफा रोजाना पीना चाहिए . पेशाब में जलन , रुकावट व diabetics में भी यह प्रयोग लाभकारी है .

खीरे के रस में दूध , निम्बू और शहद मिलाकर पुरे शरीर पर लगाने से त्वचा मुलायम , चिकना तथा कांतिवान हो जाती है .

250 ग्राम खीरे के रस को रोजाना प्रति दो दिन बाद पिने से शरीर के भीतर जमा , विजातीय विषाक्त पदार्थ मूत्र और मल के जरिये बाहर आ जाते हैं .

मधुमेह , प्रमेह के रोगियों को भी खीरे का रस कलमी शोरा मिलाकर प्रयोग करना चाहिए .

खीरे का सेवन करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना आवश्यक है

खीरा सड़ा-गला या अधिक देर तक धुप में पड़ा हुआ न हो , यथा संभव दोपहर तक ही खीरा का सेवन करना चाहिए . खीरा एक साथ अधिक मात्रा में खाना हानी पहुंचा सकता है , इसका सेवन करके के आधा-पौन घंटे तक पानी नहीं पीना चाहिए . खीरे के रस को स्वादिष्ट बनाने के लिए उसमें एक चम्मच शहद और आधे निम्बू का रस मिलाया जा सकता है

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