हस्तमैथुन करने से क्या होता है ? What is the effect of masturbation ?

By | October 3, 2017

क्या आप भी हस्तमैथुन करते हैं ? तो हो जाइए alert… हस्तमैथुन से हमारे body पर क्या प्रभाव पड़ते हैं ? हस्तमैथुन सप्ताह या महीने में कितना करना सही है ? हस्तमैथुन से जुड़ी myth..

हस्तमैथुन यानि masturbation यौन अवस्था कि एक सामान्य प्रक्रिया है और ज्यादातर व्यक्ति किसी न किस रूप में हस्तमैथुन करते हैं. हालांकि हमारे समाज में हस्तमैथुन के प्रति काफी myth हैं , जैसे कि हस्तमैथुन से शारीरिक और यौन कमजोरी आती है आदि.  लेकिन reality में problem हस्तमैथुन से नहीं बल्कि इससे जुड़ी myth के कारण ज्यादा होती है.

हस्तमैथुन की आदत होने से व्यक्ति इसे बीमारी समझता है और अपने आपको मानसिक रूप से कमजोर समझने लगता है. पर reality में उसे कोई बीमारी नहीं होती. लेकिन अगर आपको बहुत ज्यादा हस्तमैथुन की आदत है तो उसे सुधरने की आवश्यकता है , तो आइये जानते है कि अधिक हस्तमैथुन से क्या-क्या नुकसान होते हैं.

ज्यादा हस्तमैथुन करने के नुकसान

पुरुष अगर हफ्ते में एक या दो बार हस्तमैथुन करते हैं तो ये normal है. पर कई युवाओं और पुरुषों में हस्तमैथुन की लत लग जाती है और वो इसी में लगे रहते हैं जिसके कारण वो अन्य परिश्रम करने से वंचित रहते हैं या उनका मन किसी और काम में नहीं लगता है.

ज्यादा हस्तमैथुन करने से कई तरह के नुकसान हो सकता हैं. जैसे कि शारीरिक कमजोरी, दिलग का सुस्त हो जाना, थकान होना , एक काम में अपना mind focus न होना और लिंग में सुजन की problem हो सकती है.

Body के साथ-साथ इंसान के गुप्तांगो को भी आराम की जरूरत होती है. अगर पुरुष लगातार हस्तमैथुन करे तो इससे शरीर को नुकसान होता है. ज्यादा हस्तमैथुन करने से लिंग कमजोर हो जाता है. लिंग के अंदर की मांस-पेसियां अपनी क्षमता खो देती है, जिसकी वजह से संभोग के समय उत्तेजना कम हो   जाती है और वो व्यक्ति संभोग के समय अपने साथी को पूर्ण रूप से संतुष्ट नहीं कर पाता, जिस वजह से मन में हिन भावना का एहसास होता है.

पुरुष अगर हस्तमैथुन ज्यादा करे तो हस्तमैथुन के जरिये शारीर के protein भी बाहर चले जाते हैं, जिसकी वजह से शारीर का metabolism निचे गिर जाता है.

हस्तमैथुन जुडी कुछ myth

हस्तमैथुन करना गलत है – ये एक गलतफेमि है , खुद को संतुष्ट करना कोई गलत बात नहीं है पर इसकी limit को जानना बहुत जरूरी है.

हस्तमैथुन करने से आँखों की रौशनी कम होती है – ये सिर्फ एक myth है. हस्तमैथुन से अंधापन नहीं आता.

हस्तमैथुन करने से शरीर कमजोर हो जाता है – अगर हस्तमैथुन अपने सिमी में की जाये तो इससे शरीर कोई नुकसान नहीं होता और शरीर कमजोर भी नहीं पड़ता. जितना sperm शारीर से बहार निकलता है उससे शारीर को ज्यादा फर्क नहीं पड़ता. शारीर 48 घंटो में उसकी पूर्ति कर देता है.

हस्तमैथुन मानसिक रूप से पीड़ित लोग ही करते है – एक research से पता चला है कि 95% पुरुष और 89% महिलाएं कभी न कभी हस्तमैथुन करते है और वो सब मानसिक रूप से normal है.

हस्तमैथुन से गुप्तांगों को नुकसान होता है – ये भी एक गलतफेमि है. अगर    normal तरीके से हस्तमैथुन किया जाये तो ये गुप्तांगो को मजबूत बनती है.

हस्तमैथुन से नपुंसकता होती है – ये भी एक myth है. जब तक गुप्तांग सुरक्षित है तब तक सुक्रणुओं का निर्माण होता रहता है.

लेखिका : एकता अग्रवाल 

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