आपकी लगन बनती है आपको विजेता – Your passion makes you winners

आपकी लगन बनती है आपको विजेता – Your passion makes you winners

योग्यता हर किसी में होती है, किसी में कम, किसी में ज्यादा. देश में साधारण योग्यता वाले अधिकांश व्यक्ति हैं और वे अपनी सामान्य-सी योग्यता का किसी भी तरह उपयोग करके सामान्य जीवन जीते है. लेकिन अगर इस सामान्य-सी योग्यता के साथ व्यक्ति के अन्दर असाधारण लगन हो तो वह कुछ भी कर सकने में सफल हो सकता है, क्योंकि कुछ भी कर सकने की लगन के सामने व्यक्ति की योग्यता बाधक नहीं बनती. समय के साथ उसके अंदर योग्यता खुद ही पनप जाती है.

असाधारण व सामान्य योग्यता वाले व्यक्ति भले ही आज कुछ न कर सकने की स्थिति में दिखाई पड़े, लेकिन वे अपने जीवन में ऐसा कोई न कोई रास्ता व मंजिल तलाश लेते हैं, जो उनके लिए महत्वपूर्ण व लाभकारी होता है.

व्यक्ति के पास अगर विशेषयोग्यता (special quality) व प्रतिभा (talent) है, लेकिन काम करने की लगन नहीं है तो वह ज्यादा कुछ नहीं कर सकता, क्योंकि ऐसे व्यक्तियों के अंदर अपनी विशेषयोग्यता व प्रतिभा का अहंकार (ego) होता है और यह उन्हें पर्याप्त प्रयास नहीं करने देती. कार्य के दौरान जब बाधाएं आती हैं तो विशेषयोग्यता वाले व्यक्ति यही सोचते हैं कि ये बाधाएं उनके सामने कुछ भी नहीं हैं. वे उन्हें आसानी से पार कर लेंगे. जबकि

व जबरदस्त लगन वाले व्यक्ति यह ज्यादा नहीं सोचते कि वे बाधाओं को कैसे पार करेंगे, बल्कि उसे पार करने में जुट जाते हैं और धीरे-धीरे कई तरह की बाधाओं को पार करके जीवन में आगे निकल जाते हैं.

एक बहुत ही प्रचलित व प्रसिद्ध कहानी है – खरगोश और कछुए की दौड़ की. इस दौड़ की प्रतियोगिता में योग्यता की दृष्टि से खरगोश, कछुए से बहुत अधिक योग्य था, तेज दौड़ने वाला था और कछुआ बहुत ही धीरे चलने वाला. लेकिन अपने तेज दौड़ने के अहंकार के कारण खरगोश काफी दौड़ने के बाद रस्ते में पेड़ की ठंडी-शीतल छाया में आराम करने लगा और सो गया. जबकि कछुए ने विश्राम की बात न सोची और लगातार धीरे-धीरे चलता रहा, आखिर में वो सोए हुए खरगोश से भी आगे निकल गया और उसने प्रगतियोगिता जित ली.

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