क्रोध – ” एक बीमारी ” : Anger – ” A Disease “

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क्रोध – ” एक बीमारी ” : Anger – ” A Disease “, HOW TO CONTROL ANGER, GUSSAY PAR KAISE KABU PAYE ? Gussay ko kaise control kare ?
क्रोध अत्यन्त प्रबल शक्ति है . यह किसी high voltage बिजली के current से कम नहीं है . जब क्रोध भभकता है तो आदमी कुछ सोचने समझने की हालत में नहीं रहता है .
क्रोध करने के बाद हमेशा पछतावा होता है . आदमी तय करता है कि अब दुबारा क्रोध नहीं करेंगे . क्रोध इतनी बड़ी आग है कि उसके साथ जीना कतई सम्भव नहीं है .

हंशी , ख़ुशी , हताशा , दुख , वेदन , उत्तेजना के साथ शारीरिक परिवर्तन होते हैं , गुस्से में भी ऐसा ही होता है . मनोचिकत्सकों का कहना है कि जब कभी हम गुस्सा करते हैं तब हमारी नसों में रक्त का दबाव बढ़ जाता है . दिल की धड़कन बढ़ जाती है अतिरिक्त edirne hormone की कमी होने लगती है गुस्सा करने वाले व्यक्ति को उच्च रक्तचाप (high blood pressure) की बीमारी लग जाती है . यह रोग अगर एक बार लग गया तो जान जाने के साथ ही जाता है , लेकिन उससे पहले कई बीमारियाँ शरीर में अपना घर बना लेती हैं .

मन के अन्य दुसरे भावों की तरह गुस्सा भी एक भाव है , लेकिन अन्य भावों की अपेक्षा यह कहीं अधिक जटिल है , गुस्सा बच्चे बूढ़े सब लोगों में देखा जाता है . कभी-कभी माहौल और परिस्थितियां ऐसी बन जाती हैं कि हम गुस्सा करने को मजबूर हो जाते हैं और कभी-कभी पहले घटी किसी घटना के कारण या भविष्य में कोई प्रतिकूल घटना होने का आभस होने पर हमें गुस्सा आता है .

क्रोध होने की घटना कमोवेश कर किसी के साथ घट जाती है लेकिन समस्या तब पैदा होती है जब हम अपने गुस्से को काबू नहीं कर पाते हैं . इसलिए मामला हाथ से निकालने से पहले गुस्से को काबू किया जाना जरुरी है .

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