ईमानदार या honest का मतलब है कि कभी झूठ न बोलना, जैसा आप बाहर से है वैसे अंदर से रहना, सभी को एक जैसा समझना, हेरा-फेरी न करना, सभी को खुश रखना, आशा को न मरने देना और ईमानदारी से बात करना। अब बात करते है कि क्या असल में एक इंसान ईमानदार हो सकता है? अगर आप हमसे पूछे तो ये कहना बहुत मुश्किल होगा कि कोई इंसान पूरी तरह से honest हो सकता है, क्योंकि आज के समय में लगभग सभी लोग थोड़ा बहुत झूठ जरूर बोलते है।

उन्हें लगता है कि थोड़ा बहुत झूठ चलता है और झूठ तब तक झूठ नहीं कहलाता जब तक वो पकड़ा न जाए। बेशक आपकी की हुई बेईमानी किसी ओर को पता न चले, पर आपकी आत्मा को तो पता है कि आपने बेईमानी करी है। तो सबसे पहले आपके लिये ये जरूरी है कि आप अपने साथ honest रहे।

खुद से ईमानदार रहे

ईमानदार बनने के लिये सबसे पहले आपको अपने आपको सुधारने की जरुरत है, क्योंकि अगर आप अपने आपसे ईमानदार नहीं है तो आप किसी के लिये ईमानदार नहीं बन सकते।

दोस्तों इस section में हमने कुछ तरीके बताए है, एक-एक करके इन्हें पढ़े और follow करे।

1. पहले अपनी अच्छाई और बुराई के बारे में जाने

आपके लिये सबसे पहले ये जरूरी है कि अपने आपको अच्छी तरह से जानना। अगर आप अपने आपको अच्छी तरह से जानते है तो इसका मतलब है कि आपको ये पता है आप में क्या अच्छा है और क्या बुरा।

पर कुछ लोग ऐसे भी हैं जो अपने आपको इतना जानते है जितना कि एक अनजान आदमी आपको जानता है। ऐसे लोगो के लिये अपने आपको पूरी तरह से जान पाना बहुत मुश्किल होता है।

पर हमारे पास एक idea है जिसकी मदद से आप अपने आपको अच्छे से जान सकते हो। आपको अपनी strength (अच्छाई) और weakness (बुराई) को जानने के लिये एक notepad या paper में एक list बनाना होगा।

आपको अपनी notepad या paper में strength में ये mention करना होगा कि-

  • आप में क्या अच्छा है?
  • आपको लोग किस नजरिये से देखते है?
  • आप अपने daily life में कैसे है?
  • और आप क्या अच्छा कर सकते है?

 इसके साथ साथ आपको अपने weakness में भी mention करना होगा कि-

  • आप में क्या क्या कमी है?
  • किन वजह से लोग आपको पसंद नहीं करते है? Etc

2. Improvement करे

जब आपके पास अपनी एक list तैयार हो जाए तो सबसे पहले आपको अपनी कमियों में improvement करने की जरूरत है, हम आपको ऐसा इसलिए कह रहे है क्योंकि यही कमियां आपको अच्छा इंसान बनने से रोक रही है। अपनी कमियों को देखे और सुधारे।

उदाहरण के लिए- मान लो कि आपको बहुत ज्यादा झूठ बोलने की आदत है। आपकी आदत इतनी बढ़ चुकी है कि जब आप किसी को कोई सही बात भी बताते हो तो उस बात को भी आप मिर्च मसाला डाल कर बताते हो।

दोस्तों ये चीजें तब तक अच्छी लगती है जब तक आपकी बुराई दुसरो को पता न चले। एक बार आपकी बुराई का पता चल जाए तो लोगो में आपकी image बिगड़ जाती है।

तो ऐसे में आपको झूठ बोलने की आदत को सुधारना चाहिये। जब भी आपको लगे कि आप झूठ बोलने वाले है तो उसी time इसके side effect के बारे में सोचे कि जब झूठ का पता चलेगा तब क्या होगा।

झूठ की आदत से छुटकारा पाने के लिये यही एक तरीका है।

3. जैसा आप अंदर से है वैसे ही बाहर से रहे

यहां पर एक चीज ये समझने वाली है कि आप अंदर से कैसे है? क्या आप जैसा अंदर से है वैसे ही बाहर से है? अगर है तो ठीक लेकिन अगर नहीं है तो इसका मतलब है कि आप अपनी जिंदगी में 2 life जी रहे है।

अंदर की life को दबाना और बाहरी दिखावट को अपनाने का मतलब है कि, आप ईमानदार नहीं है।

आप जैसे है वैसे ही रहे और ये भी याद रखे कि वो कभी न बने जो आप नहीं है। Naturally life आपको ओरो से अलग बनाता है, यहां से आप honest person बन सकते है।

लोगो से ईमानदार रहे

अब बात करते है कि लोगो से कैसे ईमानदार रखे? ताकि लोगो को लगे आप अच्छे इंसान है। दोस्तों नीचे हमने कुछ तरीके बताए है जिससे हम दावे के साथ कह सकते है कि आप लोगो की नजर में हमेशा अच्छे और honest रहेंगे।

4. अपनी तुलना दुसरो से न करे

Human nature में कई बुराइयां मौजूद है और दूसरों के साथ अपने आपको compare करना ये उनमें से एक है। आपने अक्सर ये देखा होगा कि हम झूठ या अपनी बढाई तब करते है जब हम अपने आपको किसी से compare करनी की कोशिश करते है।

अगर आप अपने आपको दुसरो से compare करना छोड़ दे तो आप पाओगे कि आप में आधी से ज्यादा बुराईया अपने आप ख़त्म हो जायेगी।

ये समझने की कोशिश करे कि आज आप जिस situation में है या position में है कुछ लोगो के पास तो वो भी नहीं है। तो जितना आपके पास है उतने में संतुष्ट रहे और ईमानदार बने।

5. सभी को एक जैसा समझे

ईमानदारी का ये मतलब नहीं है कि बस खुद ईमानदार रहना बल्कि लोगो के प्रति भी ईमानदार रहे। आपसे बड़े लोग हो या छोटे लोग, सभी को एक जैसा समझे, यहां से आपके nature का पता चलता है।

सभी के साथ अच्छे तरीके से बात करे, अगर आपको लगे कि किसी अनजान व्यक्ति को help की जरुरत है तो तुरंत उनकी help करे। ये सोच कर help न करे कि, आप उनपर एहसान कर रहे है बल्कि ये सोचे कि आज आपने उनकी help करी है कल आपकी कोई help करेगा।

6. लोगो की तारीफ करे

आपको ये भी समझना चाहिये कि दुनिया में हर कोई तारीफ का भूखा है तो जितना हो सके उतना खुल कर तारीफ करे। इस बात का ध्यान रखे कि फालतू की तारीफों से बचे क्योंकि ऐसा करने से आप गलत image का शिकार हो सकते है।

आप तारीफ किसी भी situation पर कर सकते है जैसे कि-

  • अगर कोई आज अच्छा लग रहा है तो उसकी तारीफ करे।
  • अगर कोई knowledge की बात बता रहा है तो उसकी तारीफ करे।
  • अगर आपका कोई दोस्तों अच्छी job में लगा हुआ है तो उसकी तारीफ करे।

दोस्तों ये सोच कर तारीफ न करे कि, आपको लोगो के सामने ईमानदार रहना है बल्कि ये thinking रखे कि अगर कोई तारीफ के लायक है तो उसकी तारीफ करना बनता है।

तारीफ करने से साथ-साथ आपको बोलने का तरीका भी आना चाहिये। बहुत कम लोगो को ये पता होगा कि लोग आपके बोलने के technique से ही पता लगा लेते है कि आपका mood कैसा है।

तो जब भी आप किसी की तारीफ करे तो आराम से बात करे क्योंकि हमारे बात करने का ढंग हमारा character बताता है।