JIM CARREY एक जॅनिटर के बेटे थे, जॅनिटर मतलब जो toilet और वॉश रूम को साफ करने वाला। Jim अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर सके, उनको अपनी पढ़ाई छोड़नी पड़ी क्योंकि घर में पैसे नहीं थे, उनके परिवार कि आर्थिक स्तिथि इतनी बुरी थी कि वो एक घर का किराया भी effort नहीं कर सकते थे इसलिए वो किसी की van में किराया देकर van में ही रहते थे।

घर में इतनी गरीबी थी पर JIM CARREY की सोच बड़ी थी, उनकी शुरिवाता छोटी थी लेकिन सोच बड़ी थी। उनका एक ही लक्ष्य था कि Hollywood का हीरो बनना है।

JIM CARREY खुद को प्रेरित रखने के लिए, खुद को उत्साही रखने के लिए और खुद को energetic रखने के लिए उन्होने एक तरीका ढूंढा, उन्होने एक cheque पकड़ा, cheque के उपर नाम लिखा JIM CARREY, from Acting services rendered, amount लिखा 10 million dollar और तारीख डाली 5 साल बाद की।

एक जॅनिटर का बेटा, घर के हालत ऐसे नहीं की कुछ effort कर सके और 10 million dollar का cheque अपने नाम का बनाया।

JIM ने अपने wallet में उस cheque को रख लिया, और दिन में कई बार जब वो wallet खोलते तो उनका मन स्थिर हो जाता और वो सोचते की मैं अपने इस लक्ष्य के लिए क्या कर रहा हूं।

जब लोग आकर उनको कहते – तेरे बस का नही, तुझसे नहीं होगा।

कामयाबी हासिल करनी है तो पागलपन भी जरूरी है
Jim Carry Photo

वो अपना cheque निकालते और कहते थे – मेरे बस की है, मैं कर सकता हूं और मैं कर के रहूँगा।

स्थिति नकारात्मक थे पर cheque उनको प्रेरित करता था कि ये मेरा सपना है जिंदगी का और मुझे इसे पूरा करना है।

जब रोज अपना लक्ष्य नजर आता है न तो अपनेआप अनुशासन आता है, Jim ने अपने अंदर वो सारे कौशलl लाए जो एक अच्छे अभिनेता में होनी चाहिए। उन्हे छोटे-छोटे रोल मिलने शुरू हुए। फिर उनको पहली फिल्म मिली जिसमे उन्हे साइड रोल मिला। ठीक 5 साल बाद उनको फिल्म मिली DUMB AND DUMBER, Hollywood के एक बहुत लोकप्रिय फिल्म है। जिसके लिए उन्हे cheque मिला 10 million dollar To JIM CARREY for Acting Services Rendered.

ऐसी ही स्तिथि मैं कई लोगो ने अपने आपको प्रेरित करने के लिए ऐसा किया था। Bruce Lee, Jake Enfield ने ये किया था, जब इनके हालत कुछ भी नहीं थे, उन्होने अपना लक्ष्य सामने लगा दिया था। शाहरुख ख़ान जब पहली बार मुंबई में आए थे तब जुहू में खड़े होकर उन्होने कहा था ‘ एक दिन इस शहर के लोग मुझे बादशाह कहेंगे।

Point ये है कि जब आपका लक्ष्य आपके आस-पास है, आज आप अपना लक्ष्य लिख लेते हो और उसे अपने सामने लगा लेते हो। अगर जिंदगी में कुछ बड़ा चाहिए तो थोड़ा पागलपन जरूरी है।

बड़ी आग बड़ी गर्मी देती है।
छोटी आग छोटी गर्मी देती है।
बड़े सपने बड़े परिणाम देते है।
छोटे सपने कोई परिणाम नहीं देते।

तो अपना लक्ष्य को सामने लिख के लगा लो। अपना लक्ष्य सामने रखो, अपना नाम लो, पूरे जोश के साथ बोलो, ‘ मेरा ये खुद से वादा है कि मैं अपने आपको इस लक्ष्य तक पहुचाके रहूँगा, स्तिथि रोकेंगे, लोग टोकेंगे, लोग डराएँगे-धमकाएँगे लेकिन मैं इस लक्ष्य तक पहुंच कर रहूँगा।

कर के देख लेना, अगर आप अपने लक्ष्य को लिखते हो, और आपका लक्ष्य आपके आस-पास है तो आपको उपलब्धि में बदलाव आएगा ही आएगा। हम ये सोच के बैठ जाते है कि हम इस से ज़्यादा हासिल नहीं कर सकते, हम सोच लेते है कि यही सबसे ज्यादा है, लेकिन आपको अपनी हद का अंदाजा नहीं। कोशिश करके देखो Jim Carrey की तरह, हासिल करने के लिए बहुत कुछ है और जीतने के लिए भी बहुत कुछ है।

आँखों में मंज़िल थी, गिरे और गिरकर संभलते रहे।
हवओ ने भी बहुत कोशिश की
मगर चिराज आँधियों में जलते रहे।