क्या सच में Blogging में बहुत Competition है?

नमस्कार दोस्तों क्या आप ब्लॉग बनाने के बारे में सोच रहे हो या फिर आप एक blogger हो जो चाहता है कि ब्लॉग के जरिए लोकप्रियता हासिल कैसे करे। Blogging में बहुत Competition है, Blogging करना आसान नही है, Blogging में बहुत मेहनत लगती है। क्या आप ऐसा सोचते हो? आप इंटरनेट पर ऐसे बहुत से आर्टिकल्स पढ़ चुके होंगे जो Blogging के बारे में जानकारी देती है और ये भी कहती है की Blogging में Competition बहुत है।

हाँ ये सच है और देखा जाए तो ये सच भी नही है। आज हम आपको वो सभी जानकारी देने वाले है जिसे आप clearly समझ सकते हो कि Blogging में Competition है या नही। इसलिए आप हमारे आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़े ताकि आपके मन में जो भी Blogging से संबंधित गलतफहमी है वो दूर हो सके।

क्या सच में Blogging में बहुत Competition है? इसका जवाब जानने से पहले आपको Blogging के बारे में जानना होगा, अगर आप blogger हो तो आप Blogging के बारे में जानते ही होंगे। लेकिन क्या आपको सच में Blogging का मतलब पता है? नही ना, चलिए सबसे पहले आपको Blogging का वास्तविक अर्थ समझाते है।

Blogging आखिर क्या है?

वैसे तो Blogging का एक सामान्य अर्थ होता है कि अपने ब्लॉग पर आर्टिकल लिखना और पब्लिश करना। लेकिन Blogging का मतलब ये नही होता, Blogging का असल मतलब तो तब पता चलता है जब आपको Blogging करते हुए कई साल हो गए है। अगर आप किसी सफल blogger से पूछोगे कि Blogging क्या है तो वो आपको इसके बारे में वो जानकारी देगा जिसे पाने के लिए कई साल लग जाते है।

जब मैने Blogging की शुरुवात की थी तो मैं भी बस यही समझता था कि Blogging मतलब सिर्फ़ आर्टिकल लिखो और पब्लिश करो। बस इतना ही मुझे आता था, लेकिन मैं आपसे एक सवाल करूँगा कि क्या सिर्फ़ अपने ब्लॉग पर आर्टिकल लिख कर पब्लिश करने से ही आप blogger कहलाओगे?

आज हर साल लाखों इंजीनियर भारत से pass out होते है लेकिन उनमें से बहुत कम को ही नौकरी मिलती है, लेकिन जिन लोगो को नौकरी नही मिली क्या वो इंजीनियर नही है। थोड़ा सोचिए, Blogging भी इसी तरह है। जब कोई अपना ब्लॉग बनता है तो वो blogger कहलाता है, भले ही वो अपने ब्लॉग पर कोई भी आर्टिकल पब्लिश ना करे लेकिन वो blogger ही है।

जब blogger अपने ब्लॉग पर आर्टिकल लिखता है तो वो अपनी writing skill को improve करता है, जैसे-जैसे आप अपने ब्लॉग पे आर्टिकल लिख के पब्लिश करते जाते हो वैसे-वैसे आपकी writing skill improve होती जाती है। Writing करना सबके बस की बात नही होती, लेकिन अभ्यास करने से आप अपने ब्लॉग के जरिए अपनी writing skill को बहुत ज़्यादा improve कर लोगे।

मेरा मानना ये है कि Blogging करना सिर्फ़ आपके writing skill को improve करने का काम करती है, क्योंकि आप अपने ब्लॉग के पहले 30 आर्टिकल को देख सकते हो, उनमें काफ़ी कमियाँ जरूर होंगी। शुरुवात में ऐसा ही होता है writing skill की कमी होने की वजह से आर्टिकल लिखने और उसे impressive बनाने में हम अपने आर्टिकल को ऐसा लिख देते है जिसमे quality ही नही होती। Overall देखा जाइए तो ब्लॉग आपकी writing skill को improve करने का काम करती है और अपने ब्लॉग पर quality नही बल्कि high quality आर्टिकल लिखने को ही Blogging कहा जाता है।

Quality आर्टिकल लिखने के लिए आपको बहुत सारे low quality आर्टिकल लिखने होंगे, और high quality आर्टिकल लिखने के लिए आपको बहुत सारे quality आर्टिकल लिखने होंगे। कहने का मतलब ये है कि Blogging करने का मतलब होता है कि अपने ब्लॉग पर आर्टिकल लिखना और जब हम Blogging की शुरुवात करते है तो हम जो भी आर्टिकल लिखते है वो low quality आर्टिकल होती है, धीरे-धीरे writing skill improve होती जाती है और आर्टिकल में quality आने लगती है और आखिर में हम quality आर्टिकल लिखते-लिखते हम high quality आर्टिकल लिखने लगते है।

जब आप हमारे acchibaat ब्लॉग के शुरुवाती आर्टिकल को पढ़ोगे तो आपको पता चलेगा कि हमारे ब्लॉग में जो भी पुराने आर्टिकल है उसमे quality नही है।

अब ये आप पर निर्भर करता है कि आप अपने ब्लॉग पर high quality आर्टिकल लिखने में कितना समय लगाते हो। कुछ blogger अपने ब्लॉग में हमेशा high quality आर्टिकल ही पब्लिश करते है और उनके ब्लॉग को लोकप्रिय होने में ज्यादा समय नही लगता। अगर आप ब्लॉग बनाना चाहते हो तो सबसे पहले आपको अपनी writing skill improve करनी होगी और इसके किए आपको हमेशा आर्टिकल लिखना होगा।

जब आपकी writing skill improve हो जाएगी तो आप अपने ब्लॉग पर quality आर्टिकल और high quality आर्टिकल लिख सकते हो। और जब ऐसा होने लगेगा तब आप समझ जाओ कि आपका ब्लॉग अब लोकप्रिय होने वाला है।

तो सबसे पहले हमें अपने ब्लॉग के जरिए writing skill को improve करना होता है जिसमे आपको 3 महीने, 6 महीने या फिर एक साल भी लग सकते है।

तो दोस्तों अब आपको समझ में आ गया होगा कि Blogging असल में होता क्या है। अब चलिए आते है अपने मुख्य बात पे कि क्या सच में Blogging में बहुत Competition है?

क्या सच में Blogging में बहुत Competition है?

देखिए Competition वही होता है जहां हमें अपने competitor के बारे में पता होता है, और हम ये जानते है कि अपने ब्लॉग के जरिए हम अपने सभी competitor ब्लॉग को पीछे छोड़ सकते है। लेकिन सबसे पहले आपको ये पता करना होगा कि आपके ब्लॉग का competitor ब्लॉग है कौन?

अगर में बात करूं मोटिवेशनल ब्लॉग की तो क्या आप ऐसे 10 मोटिवेशनल ब्लॉग के नाम बता सकते हो जो टॉप 10 लिस्ट में है? चलिए छोडिये आप खुद अपने ब्लॉग के niche (विषय) के हिसाब से हमें ये बताए कि आपके ब्लॉग से संबंधित टॉप 10 ब्लॉग के नाम आपको पता है? में 101% गारंटी के साथ कह सकता हूं कि आपको नही पता होगा।

जब कोई व्यक्ति अपना ब्लॉग बनता है तो वो किसी दूसरे ब्लॉग से प्रेरित होकर अपना ब्लॉग बनता है। मान लीजिए कि आपको एक मोटिवेशनल ब्लॉग से प्रेरित हो गये हो तो आप मोटिवेशनल ब्लॉग बनाओगे, अगर आप कोई टेक्निकल ब्लॉग से प्रेरित हुए हो तो आप अपना एक टेक्निकल ब्लॉग बनाओगे।

आज ज्यादातर जीतने लोग भी ब्लॉग बना रहे है वो मोटिवेशनल ब्लॉग ही है। और मोटिवेशनल ब्लॉग की एक लिस्ट बनाई जाए तो ये लगभग 1 लाख से उपर होगी। आपको क्या लगता है की ये 1 लाख मोटिवेशनल ब्लॉग में से कितने ब्लॉग सफल हुए होंगे? चलिए इस सवाल का जवाब हम आपको एक उदाहरण देकर समझाते है।

उदाहरण – 50 बच्चों ने क्लास एक में दाखिला लिया और क्लास 2 में सिर्फ़ 45 बच्चे पहुचे मतलब की 5 बच्चे फैल हो गये, अगली बार क्लास 2 की परीक्षा  में सिर्फ़ 40 बच्चे पास हुए और 5 बच्चे फैल हो गए। आखिर में क्लास 10 में सिर्फ़ 2 ही बच्चे पहुचे जो लगातार हर परीक्षा में पास होते गये। इससे ये पता चलता है कि शुरुवात में सभी स्टूडेंट एक ही क्लास से अपनी पढ़ाई शुरू करते है लेकिन धीरे-धीरे एक-एक करके सभी स्टूडेंट पीछे छूटते जाते है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि सभी बच्चे की सीखने और सोचने की क्षमता अलग अलग होती है।

Blogging भी इसी तरह है सभी blogger शुरू तो एक जैसा ही करते है लेकिन उनमें से बहुत कम blogger ऐसे है जो Blogging में सफलता पाते है। जैसा की मैने आपसे पूछे था कि लगभग 1 लाख मोटिवेशनल ब्लॉग में से कितने ब्लॉग सफल होते होंगे? तो इसका जवाब है लगभग 10 से 20। आप भी सोचते होंगे कि इतना कम कैसे हो सकता है, ऐसा इसलिए है क्योंकि-

  • 80 % blogger को पता ही नही होता कि अपने ब्लॉग पर क्या लिखे, जिसकी वजह से वो Blogging करना ही छोड़ देते है।
  • 15 % blogger का ब्लॉग के जरिए कमाई ना होने की वजह से वो अपने ब्लॉग पर ध्यान नही देते और Blogging से quit कर लेते है। Adsense अप्रूव ना होना भी एक बहुत बड़ी वजह है कि लोग Blogging छोड़ देते है।
  • 5% blogger ही ऐसे होते है जो अपने ब्लॉग को maintain कर पाते है और उन्ही में से बहुत कम blogger सफल होते है।

यानी की आप जैसा सोचते हो कि Blogging में Competition बहुत ज्यादा है ये बिल्कुल गलत है। अगर में अपने ब्लॉग की बात करूँ तो मेरे ब्लॉग का niche है Blogging, में अपने ब्लॉग पर सिर्फ़ Blogging से संबंधित ही आर्टिकल पब्लिश करता हूं। अगर में अपने ब्लॉग की competitor ब्लॉग की लिस्ट बनाऊ जो सिर्फ़ Blogging के बारे में आर्टिकल लिखते है तो टॉप लिस्ट में 20 ब्लॉग ही होंगे शायद इससे भी कम।

अगर में सीधे अपने competitor ब्लॉग को compete करने में लग जाऊ तो में कभी भी एक सफल blogger नही बन सकता। क्यूंकी जो ब्लॉग पहले से सफल हो गये है उसे compete करने से पहले आपको अपने level के ब्लॉग को compete करना होगा। Alexa की सहायता से आप अपने ब्लॉग से संबंधित दूसरे ब्लॉग के बारे में जान सकते हो जो आपके level में है।

बस आपको Alexa की वेबसाइट में जाना है और अपने ब्लॉग का URL लिख कर सर्च करना है। आपको आपके ब्लॉग से संबंधित बहुत सी जानकारी मिलेगी और ऐसे-ऐसे संबंधित ब्लॉग के बारे में आपको पता चलेगा जिसे compete करना बहुत आसान होता है। ऐसे ही आप अपने level के ब्लॉग के साथ compete करते जाए और धीरे-धीरे आपका ब्लॉग भी सफल होता जाएगा।

यहां मैं एक उदाहरण देना चाहूँगा इसे जरा ध्यान से समझे – मैं जहां रहता हूँ वह लगभग 10 coaching center है जहां पर students tuition लेते है। उन 10 coaching center में से एक coaching center ऐसा है जहां पर सबसे ज्यादा student tuition लेते है। जाहिर सी बात है कि वो coaching center की कमाई भी बहुत ज्यादा होगी।

मेरे एक दोस्त उस coaching center से प्रेरित होकर अपना खुद का coaching center open किया। उसके मन में एक ही लक्ष्य था कि अगर वो coaching center महीने में लाख कमा सकता है तो मैं क्यों नही। coaching center open करने के बाद उसे वास्तविकता पता चली कि पहले से 10 coaching center है, और इसी की वजह से वो अपने coaching center को maintain नही कर सका और कुछ ही महीनों में उसने हार मान ली।

ऐसा इसलिए हुआ क्यूंकी मेरे दोस्त ने अपने coaching center को उस coaching center से compare करने लगा था जो पहले से ही लोकप्रिय थी। अगर वो ऐसा ना करके उन coaching centers को compete करता जो उसके level में है तो वो आज नही तो कल इस लायक हो ही जाता कि उसकी coaching center टॉप में होती।

दोस्तों, blogger भी ऐसे ही होते है वो जिस ब्लॉग से प्रेरित होकर अपना ब्लॉग बना लेते है उसी को अपना competitor समझ लेते है और यही सबसे बड़ी वजह है कि लोग सोचते है कि Blogging में Competition बहुत ज्यादा है।

अगर आपको Competition करना ही है तो सबसे पहले अपने level वाले ब्लॉग के साथ करो। आपको Blogging करने में मज़ा भी आएगा और आप कभी demotivate भी नही होंगे।

तो blogger को ऐसा क्यूँ लगता है कि Blogging में बहुत ज्यादा Competition है?

Blogging में Competition है ही नही, जितना हम सोचते है उससे कही ज्यादा हम act करते है। अगर कोई लोकप्रिय blogger ने अपने ब्लॉग पर लिख दिए की Blogging में Competition बहुत ज्यादा है तो क्या वो पत्थर की लकीर हो गई जिसे मिटाया नही जा सकता।

Blogger को बहुत बड़ी गलतफहमी है जो ये सोचने पर मजबूर कर देती है कि Blogging में बहुत ज्यादा Competition है, और इसकी सबसे बड़ी वजह है सीखने की क्षमता में कमी

आज इंटरनेट पर ऐसा कोई विषय नही जिसके बारे में आप सर्च करो और वो आपको ना मिले। जब इंटरनेट पर सब आर्टिकल मौजूद है तो आपको ब्लॉग बनाने की क्या जरूरत, आप कौन सा कुछ नया लिख दोगे? ऐसी मानसिकता वाले blogger को ही Blogging में Competition नजर आती है और ऐसे blogger कभी भी अपने ब्लॉग के प्रति उत्साही नही होते। वो बस दूसरे ब्लॉग को पढ़ते है और आखिर में ये फैसला कर लेते है कि Blogging मेरे बस की बात नही।

निष्कर्ष – CONCLUSION

ब्लॉग बनाने के बाद आपको-

  • अपनी writing skill को improve करना होता है, जिसमे आपको 3 महीने से 1 साल का समय लगा सकता है।
  • writing skill improve होने के साथ-साथ आपके आर्टिकल में quality भी आने लगती है और एक दिन आप अपने ब्लॉग पे high quality आर्टिकल लिखने लगते हो।
  • Overall देखा जाए तो किसी भी ब्लॉग को अच्छे से run करने में और विज़िटर हासिल करने में लगभग 12 महीने से 18 महीने का समय लगता है।
  • अगर आप 1 साल तक रोजाना अपने ब्लॉग पर आर्टिकल लिखते हो तो 18 महीने बाद आप खुद अपने ब्लॉग की performance देख कर चकित हो जाओगे।
  • और ऐसा जब हो जाएगा तब आपको हमारी बातों पर यकीन जरूर आएगा।

तो दोस्तों आज का हमारा आर्टिकल आपको कैसा लगा आप हमें कॉमेंट के जरिए जरूर बताए। HAPPY BLOGGING

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