क्या आप भी चिंता में हो कि आपका पीरियड समय पर नहीं आता? अगर आता भी है तो कुछ दिन ही रहता है? ऐसे में हमारे मन ये ये डर बैठ जाता है कि भविष्य में बच्चा न होने कि सिकायत होगी। पीरियड का सीधा संबंध pregnancy से होती है अगर सही समय पर पीरियड आये तो pregnancy में कभी दिक्कत नहीं आएगी।

महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य की लड़ी हमेशा पीरियड से जुड़ी रहती है। इसलिए, हर महिला को इस बात का ख़याल रखना कि मासिक धर्म सही समय पर आ रहे हैं या नहीं बहुत ही आवश्यक है। अगर पीरियड अनियमित रहते हैं तो किसी भी महिला का गर्भवती हो पाना बहुत ही कठिन होता है और उसे किसी आर्टिफीसियल मेथड का इस्तेमाल कर ही गर्भवती किया जा सकता है।

यदि किसी भी महिला का मासिक धर्म नियमित नहीं है तो वह प्राकृतिक रूप से गर्भवती नहीं हो सकती है। आज हम आपको बताएंगे पीरियड समय से नहीं आने पर किसी भी महिला को क्या करना चाहिए।

पीरियड नहीं आने पर महिला/लड़की क्या करे?

पहले तो आपको यह तय करना है कि आपके पीरियड कब से नहीं आ रहे हैं। अगर आपकी उम्र पीरियड आने के लायक हो चुकी है और आपके पीरियड नहीं आते हैं तो इस परिस्थिति में दूसरा ट्रीटमेंट किया जाता है। वहीं, अगर आपके पीरियड महीने या दो महीने का गैप कर के आते हैं तो इसे दूसरी तरह से ठीक किया जाता है। और अगर आपके पीरियड कभी कभी समय पर नहीं आते हैं तो इसकी दूसरी वजह होती है जो आसानी से ठीक के जा सकती है। इसलिए हम तीनों के लिए अगर अलग टिप बताएंगे।

1. अगर आप (प्रौढ़ mature) 14 वर्ष की हो चुकी हैं फिर भी आपके पीरियड नहीं आ रहे हैं तो आप 16 वर्ष तक इंतजार कर सकती हैं।

दरअसल, कई महिलाओं के शरीर में हार्मोनल परिवर्तन देरी से होता है जिस वजह से ओवरी से अंडे कुछ समय बाद पनपते हैं। इसलिए आप 16 वर्ष तक इंतजार कर सकती हैं। लेकिन, अगर फिर भी पीरियड नहीं आते हैं तो आपको बिना देरी किये किसी अच्छी महिला विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए।

आप इंटरनेट या कहीं और से दवा पढ़कर बिलकुल भी इस्तेमाल न करें। अगर आप डॉक्टर से जांच कराने में देरी करती हैं तो हो सकता है आगे चलकर आपको माँ बनने में बड़ी समस्या का सामना करना पड़े।

2. अगर आपके पीरियड का कोई समय तय नहीं है (कभी दो महीने के गैप में आना तो कभी तीसरे महीने के गैप में तो कभी एक महीने में) तो गर्भवती होने में आपको भारी समस्या का पड़ेगा।

क्योंकि आपको ओवुलेशन टाइम के बारे में ही नहीं पता होगा। दरअसल, यह समस्या तब होती है जब महिला के शरीर में पीरियड लाने (एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन, फॉलिकल स्टिमुलेटिंग हॉरमोन (FSH), और ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन (LH) प्रभावित होते हैं। यह हार्मोन ज्यादातर तब प्रभावित होते हैं जब महिला के शरीर में कोई नई बीमारी का जन्म हो जाता है जो महिला हॉरमोन को बुरी तरह करता है। इसलिए इस कंडीशन पर भी आपको एक जांच करानी चाहिए। क्योंकि, अगर आप खुद से ही टेबलेट इस्तेमाल करती हैं तो इससे आपको नुकसान भी हो सकता है।

3. अगर आपके पीरियड हमेशा आते हैं लेकिन, एकाध महीने या इसी महीने सही नहीं आए हैं तो आपको ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है।

दरअसल, यह समस्या अकसर आपके लाइफस्टाइल में बदलाव लाने के चलते होती है जैसे- वजन का बढ़ या घट जाना, ज्यादा एक्सरसाइज लेना समय पर खाना नहीं खाना, देर सोना या देर से जागना, कम सोना या अधिक देर तक सोना इत्यादि। इसलिए ऐसा होने पर आप घरबराए नहीं, बल्कि आप हेमपुष्पा को लगातार 20 से 30 दिन तक पियें। आपके पीरियड सही समय पर आने लगेंगे। इसके अलावा हमने पीरियड जल्दी आने की टेबलेट के बारे में भी लिखा है जो आपके पीरियड को सही करने में आपकी मदद कर सकेंगे।

मैं 14 साल की हूं और अभी तक मेरा पीरियड नहीं आया- क्या यह सामान्य है?

एक लड़की की पीरियड, जिसे मासिक धर्म भी कहा जाता है , उसके यौवन के पहले लक्षणों के लगभग 2 से 2½ साल बाद शुरू होती है। स्तन विकास आमतौर पर यौवन का पहला संकेत है, लेकिन कभी-कभी जघन बाल पहले आते हैं।

लड़कियों को आमतौर पर 8 से 15 साल की उम्र के बीच पहली बार पीरियड्स आते हैं। हालांकि, कुछ लड़कियां दूसरों की तुलना में थोड़ा पहले या बाद में यौवन शुरू कर देती हैं।

एक सुराग जिसका उपयोग आप यह पता लगाने के लिए कर सकते हैं कि आपकी पीरियड कब हो सकती है, योनि स्राव के लिए अपने अंडरवियर की जांच करना है। यह स्पष्ट या सफेद, बलगम जैसा स्राव आमतौर पर पहली पीरियड के लगभग 6 महीने से एक साल पहले दिखाई देता है।

आप अपनी माँ से यह भी पूछ सकते हैं कि जब उन्हें पहली बार माहवारी हुई थी तब उनकी उम्र कितनी थी। जिन लड़कियों की पहली माहवारी औसत से बाद में आती है, वे अक्सर पाते हैं कि उनकी माँ या अन्य महिला रिश्तेदार भी औसत से बाद में यौवन से गुज़री हैं।

सिर्फ इसलिए कि आप 14 वर्ष के हैं और अभी तक आपकी पीरियड नहीं हुई है, इसका मतलब यह नहीं है कि आपके साथ कुछ भी गलत है। हालाँकि, कुछ लड़कियों को अन्य कारणों से पहली बार माहवारी नहीं हो रही हो सकती है। कुछ को हार्मोन असंतुलन के कारण माहवारी नहीं होती है।

जिन लड़कियों का वजन कम होता है या जिन्हें खाने की बीमारी होती है, उनके पीरियड्स शुरू होने में देरी हो सकती है। जो लड़कियां बहुत एथलेटिक हैं, उन्हें तब तक पीरियड्स नहीं आ सकते जब तक कि वे व्यायाम करना या इतनी जोरदार प्रतिस्पर्धा करना बंद न कर दें।

गंभीर तनाव या कुछ बीमारियां भी मासिक धर्म में देरी कर सकती हैं। यह भी संभव है कि जिस लड़की ने सेक्स किया हो, वह पहली माहवारी होने से पहले गर्भवती हो सकती है। यदि आपके मासिक धर्म कब होंगे, इस बारे में आपके कोई प्रश्न या चिंताएँ हैं, तो अपने डॉक्टर से बात करें। और अपने डॉक्टर को बताएं कि क्या आपको 15 साल की उम्र तक, या यौवन शुरू होने के 3 साल बाद तक मासिक धर्म नहीं आता है।

मेरे पीरियड अनियमित हैं, ऐसा क्यों?

पीरियड miss होना या अनियमित मासिक धर्म होना कोई असामान्य बात नहीं है – विशेष रूप से आपके पीरियड शुरू होने के बाद के पहले कुछ वर्षों में। कई लड़कियों को माह दर माह मासिक धर्म के प्रवाह और अवधि में भी परिवर्तन दिखाई देता है।

अनियमित और मिस्ड पीरियड्स आम हैं, लेकिन अगर आपको पहले नियमित पीरियड्स हो रहे थे या अगर आपको 3 महीने से ज्यादा समय से पीरियड्स नहीं हुए हैं, तो अपने डॉक्टर से बात करें।

कुछ चिकित्सीय समस्याएं (जैसे हार्मोन असंतुलन) और जीवनशैली में बदलाव (जैसे तनाव, बहुत अधिक व्यायाम, या अधिक मात्रा में वजन कम होना या बढ़ना) लड़कियों को उनके पीरियड्स miss करने का कारण बन सकते हैं। आपका डॉक्टर किसी भी संभावित समस्या के कारण की जांच करने में सक्षम होगा।

मेरा पीरियड अभी तक नहीं आया पर ये Discharge क्या है?

एक लड़की को पहली माहवारी होने से लगभग 6 महीने से 1 साल पहले , उसके शरीर में योनि स्राव शुरू हो सकता है। यह सामान्य है और हार्मोन के स्तर में बदलाव के कारण होता है। डिस्चार्ज योनि को स्वस्थ रखने में मदद करता है। सामान्य योनि स्राव में एक बनावट हो सकती है जो पतली और थोड़ी चिपचिपी से लेकर मोटी और चिपचिपी तक कहीं भी हो सकती है। डिस्चार्ज रंग में भी भिन्न हो सकता है, स्पष्ट से सफेद या ऑफ-व्हाइट तक। डिस्चार्ज की मात्रा लड़की के मासिक धर्म चक्र पर निर्भर कर सकती है।

उदाहरण के लिए, जब लड़की ओव्यूलेट करती है, उस समय तरल पदार्थ थोड़ा भारी हो जाता है, जो तब होता है जब अंडाशय से अंडा निकलता है और फैलोपियन ट्यूब में चला जाता है। सामान्य डिस्चार्ज में केवल हल्की गंध होनी चाहिए और कभी भी खुजली या जलन नहीं होनी चाहिए। अगर आपको खुजली, तेज दुर्गंध या रंग में बदलाव (जैसे कि भूरा, ग्रे या हरा) दिखाई देता है, तो यह योनि में संक्रमण का संकेत है। अगर ऐसा होता है तो डॉक्टर को दिखाएं।

कभी-कभी सामान्य योनि स्राव त्वचा में जलन पैदा कर सकता है। यह त्वचा के खिलाफ नमी के कारण होता है। आप योनि क्षेत्र में त्वचा की जलन को रोक सकते हैं, खासकर जब यह बाहर गर्म और आर्द्र हो, सूती अंडरवियर पहनकर और तंग कपड़े न पहनकर। ओवर-द-काउंटर फेमिनिन वॉश या डूश का उपयोग न करें क्योंकि ये योनि में जलन पैदा कर सकते हैं और संक्रमण का कारण बन सकते हैं।

आज आपने क्या जाना?

आज आपने जाना कि time से period नहीं आने कि वजह क्या है और ऐसे में आपको क्या करना चाहिए। उम्र बढ़ने के साथ शरीर में बदलाव होते ही है ऐसे में पीरियड का आन भी निश्चित है, समय से पीरियड आ जाये तो भविष्य में कोई health problem नहीं होती अगर समय रहते इसका इलाज न हुआ तो आगे चलकर pregnancy में दिक्कत होगी। अगर आपको हमसे कुछ पूछना है तो comment करें। धन्यवाद