Cholesterol दोस्त भी , दुश्मन भी

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Cholesterol दोस्त भी , दुश्मन भी
Cholesterol दोस्त भी , दुश्मन भी

Cholesterol का नाम सुनते ही मन में एक खतरनाक तत्व की तस्वीर उभरने लगती है , जो दिल की बीमारियों में खलनायक के रूप में सामने आता है . सच तो यह है कि यह हमारे शरीर के लिए एक आवश्यक तत्व है . Problem तब उत्पन्न होती है जब इसकी मात्रा unbalance हो जाती है , खास तौर पर इसके एक प्रकार की मात्रा .
Health के लिए Cholesterol बहुत जरुरी है , क्योंकि यह body की हर जीवित कोशिका का जरुरी तत्व है और उसकी क्रिया के सुचारू संचालन में अपना योगदान देता है . इसके बिना body न तो hormones बना सकता है , न bale acid , न ही Vitamin-D और न ही स्नायु तंतुओं की संरक्षक झिल्लियाँ .

Cholesterol fat का ही एक रूप है . यह मोम की तरह ठोस होता है और blood में मौजूद fat में घुलनशील होने के कारण धमनियों में blood के साथ बहता है . Body में 5 प्रकार के Cholesterol होते हैं , इनमे अंतर lipoprotien कहे जाने वाला fat कणों के आधार पर किया जाता है . ये fat कण ही Cholesterol संचालन करते हैं .

 

क्यों जरुरी है ?

Cholesterol की मदद से body में महत्वपूर्ण hormones cortisol बनता है , जो संक्रमण से body की रक्षा करता है . Cholesterol की मदर से ही body में bail acid का निर्माण होता है , जो आंतों से fat सोखने में मदद करता हिया . Cholesterol body में Vitamin-D के निर्माण में सहायता करता है , जो हड्डीयों के विकाश के लिए बेहद जरुरी होता है . उनके अलावा यह स्नायु तंतुओं की संरक्षक झिल्लियों के निर्माण में भी सहायता करता है . वैज्ञानिको के अनुसार जिन लोगों के body में Cholesterol का स्तर बहुत कम होता है , वे आसानी से विभिन्न बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं .

 

कब होती है घातक ?

वैसे तो Cholesterol की एक निश्चित मात्रा body के लिए अत्यन्त आवश्यक है , लेकिन जब blood में इसकी मात्रा 250 मिलीग्राम प्रति डेसी-लीटर या इससे ज्यादा हो जाती है , तो यह खतरनाक हो सकता है . धमनियों में अतिरिक्त Cholesterol जमने से blood circulation में रुकावट पैदा होने लगती है . जिसकी वजह से ह्रदय सम्बंधित कई विकार उत्पन्न हो जाते हैं . धमनी के अन्दर blood circulation में बहुत अधिक रुकावट होने पर दिल का दौरा (heart attack) पड़ जाता है . सिर और गले की नसों में blood में रुकावट से मस्तिष्क में दिल के दौरे के समान ही आकस्मिक और घातक रक्ताघात पहुँचता है . Cholesterol ज्यादा होने पर पित्त की थैली में पथरी भी ज्यादा बनती है . धमनियों में Cholesterol बनने से बुढ़ापा जल्दी आता है .

 

अधिक खतरा कैसे ?

  • मोटे लोग , उच्च रक्तचाप (high blood-pressure) व मधुमेह (diabetics) के रोगियों के शरीर में Cholesterol बढ़ जाता है .
  • एक ही स्थान पर बैठे रहने और कम पैदल चलने वालों में यह बढ़ जाता है .
  • अधिक मांस , अंडा , घी , तेल युक्त भोजन करने वाले लोगों में भी यह बढ़ जाता है .
  • सिगरेट और शराब का अधिक सेवन करने वाले लोगों में Cholesterol बढ़ जाता है .

कम कैसे करें ?

  • सबसे पहले भोजन में fat की मात्रा कम करें . भोजन में protein , carbohydrate और fat की संतुलित मात्रा लें , भोजन पकाने के लिए मूंगफली , सरसों , सोयाबीन , तिल , सूरजमुखी आदि के तेल का इस्तेमाल करें . मलाईदार दूध की जगह toned milk का इस्तेमाल करें .
  • मांस , पनीर का सेवन कम करें .
  • सिगरेट और शराब बंद कर दें .
  • ताजे फल और हारी साग-सब्जियों का भरपूर सेवन करें .
  • तनाव से बचें .
  • प्रतिदिन कुछ देर नियमित व्यायाम जरुर करें .

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