प्रशंसा के रथ पर – The Path Of Appreciation In Hindi

अब आप हमसे directly बात कर सकते हो.. ज्यादा जानकारी के लिए निचे दिए गए contact बटन पर click करे.

प्रशंसा के रथ पर - The Path Of Appreciation In Hindi
प्रशंसा के रथ पर – The Path Of Appreciation In Hindi

प्रशंसा आजकल किसी को उत्साहित या पतन करने दोनों ही दृष्टि से की जा रही है . प्रशंसा सुनकर किसको अच्छा नहीं लगेगा . प्रशंसा करने वाला व्यक्ति किस भावना से प्रशंसा कर रहा है यश सोचने एवं समझने की बात है . लेकिन प्रशंसित व्यक्ति को यहाँ पर अति सावधान रहने की आवश्यकता है . गलत तरीके से की गई प्रशंसा पतन के मार्ग पर ले जा सकती है .

प्रशंसा सुनकर हमारा मन कह रहा होता है कि यह और मेरे बारे में कुछ बोले . उस वक़्त दुर्गुणों को प्रशंसा के रथ पर बैठकर हमारे भीतर घुसने में बड़ी सुविधा होती है . अत: जब भी आपकी प्रशंसा हो रही हो तो तत्काल ही अपने अंतर चेतना को जगाएं और शांत भाव से यह सोचें कि क्या मैं इसके लायक हूं ? और यदि सही है तो उस गुण को पहले से ज्यादा अपने अन्तर में उतारने का प्रयास करें अन्यथा प्रशंसा ही हमारी पतन का कारण बन जाये .

इसलिए कहा गया है वैराग्य भाव हमारे अन्तर में आ जाए . वैराग्य जाग्रत अवस्था में है तो हम प्रशंसा की प्रेरणा को आसानी से अपने जीवन में उतार पाएंगे . अत: प्रशंसा करते समय निष्कपट एवं सुनते समय अदासीन हो जाएँ .

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *