जब शादीशुदा जिंदगी में विश्वास का अभाव होता है तो विवाहित जिंदगी बहुत तनावपूर्ण होता है। पति-पत्नी का रिश्ता विश्वास की डोर से बना होता है। अगर इस रिश्ते में विश्वास की जरा भी कमी आई तो फिर रिश्ते को टूटने में देर नहीं लगती, जहां से विश्वास टूटता है, वहीँ से शक की शुरुआत होती है

आज के माहौल में हम आंखें मूंद कर विश्वास नहीं कर सकते, लेकिन जब हम बार-बार छोटी-छोटी बातों पर शक करने लगते हैं तो विवाहित जिंदगी में असुरक्षा का माहौल बन जाता है, और रिश्ते अच्छे नहीं रहते। और आखिर में एक-दूसरे पर शक करना मतलब घर की बर्बादी को आमंत्रण देते हैं।

पति-पत्नी का रिश्ता आपसी विश्वास पर टिका होता है जब विश्वास टूटता है तो रिश्ता भी टूटने लगता है। घर परिवार में एक बार शक ने दस्तक दे दी तो फिर बाहर जाने वाली नहीं, जिससे परिवार तबाह होने लगता है।

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अपनी शादी को कैसे बचाए? अपने रिश्ते को मजबूत कैसे करे?

अपनी शादी को कैसे बचाए? 6 उपाय और सुझाव

1. ईमानदारी से भरोसा जीते

पति-पत्नी का रिश्ता ज्यादातर भरोसे के सहारे चलता है और बिना ईमानदारी के भरोसा कैसे हो सकता है। जिंदगी भर इस रिश्ते की गाड़ी को चलने के लिए एक-दूसरे पर पूरा भरोसा करना जरूरी है।

अगर हम कुछ बातों का ख्याल रखें तो विवाहित जिंदगी में प्यार की मिठास और खुशियाँ बनी रहेंगी।

अपने साथी के लिए हमेशा ईमानदार रहें और कोई भी ऐसी बात न छुपायें जो बाद में पता चलने पर रिश्ते को ठेस पहुंचे। गलती सभी करते हैं। पर जब हम गलतियाँ छिपाना शुरू कर देते हैं तभी से रिश्ते में ईमानदारी का खात्मा शुरू हो जाता है। ईमानदारी विश्वास का सबसे जरूरी हिस्सा है।

2. वादा करके निभाए

भरोसा प्रतिबद्धता (commitment) से आता है और विवाहित जीवन का भविष्य बनाने के लिए यह commitment जरूरी है कि दोनों एक-दूसरे पर भरोसा करें। जीवन में स्थिर होकर एक-दूसरे में बारे में सोचे।

जीवन में स्थिरता विश्वास को बढ़ाती है। एक-दूसरे को सम्मान दें, क्योंकि आपके जरिए दिया गया सम्मान तीसरे की नजर में भी आता है। इसलिए गरिमा बनाए रखें। सम्मान करने से परवाह करने का भाव पैदा होता है।

3. रिश्ते में खुलापन लाए

बिना संकोच के एक-दूसरे को space दें, अगर रिश्ते में खुलापन है तो कभी भी घुटन नहीं होती और हम आसानी से अपनी बातें रख लेते हैं एक-दूसरे के सामने।

कहने और करने में समानता लाए, अगर हम कुछ कहते ओर हैं और करते कुछ ओर हैं तो आपका अपने रिश्ते से विश्वास हटता जायेगा।

अक्सर पति को पत्नी की बातें दूसरों से सुनने को मिलती है, ज्यादातर मामलों में जब लोग कोई बात किसी से कहते है तो उस में कुछ बातें खुद से भी जोड़ देते हैं। ऐसे में ये बातें आहत करती है। शक की गुंजाईश पैदा कर देती है। इसलिए अपने निजी रिश्ते में दूसरों की बातों को अहमियत न दें।

4. कमियों और खूबियों को अपनाएं

स्वीकृति का होना भी किसी भी रिश्ता को मजबूत करने का काम करता है। हमें एक-दूसरे की कमियों और खूबियों को एक हद तक काबुल करने की आदत होनी चाहिये।

जीवन में स्वीकार भाव तभी आता है जब हम आपसी तालमेल के दौरान हमेशा अदब और शिष्टाचार के दायरे में रहें और तर्क-वितर्क करते समय अपना आपा न खोएं।

स्वीकार करने से रिश्ते में विश्वास और प्रेम और परिपक्व को जाता है। अपने रिश्ते में अहंकार कभी न लाए।

5. किसी Affair में न पड़े

विवाहित जिंदगी विश्वास पर भी आधारित होता है और इसकी सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है “चरित्र “। आपकी शादी कितनी भी सफल क्यों न हो लेकिन अगर आपका साथी आपसे वफा नहीं करता तो ऐसे रिश्ते पर विश्वास नहीं किया जा सकता।

शादी के पहले आपके किससे क्या रिश्ता थे, किससे प्यार था, इस बात को भूलकर अपने साथी पर ध्यान दें और अपने रिश्ते में affair को जगह न दें।

जब affair सामने आता है तब आपकी शादी बिखरने लगती है। जरुरी है कि विश्वास की नीव हिलने न दें। इसे इतना मजबूत बनाए कि कोई भी स्तिथि इसे हिला न सके।

6. प्यार की डोरी मजबूत पकड़ें

जीवन में भरोसे का महत्व प्यार से भी ज्यादा होता है। हम लोगों से प्यार तो कर सकते हैं लेकिन उन पर भरोसा नहीं कर सकते।

हमारे रिश्ते बैंक खाते की तरह होते हैं। हम उनमें जितना जमा करते हैं उतने ही वह बढ़ते जाते हैं। इसलिये हम उतना ही निकाल सकते है लेकिन अगर हम बिना जमा किये निकालने की कोशिश करेंगे तो निराशा ही हाथ लगेगी।

कई बार हम जीवन में भी महसूस करते हैं कि हमने निकाल ज्यादा लिया और जमा कुछ नहीं किया। विवाहित जिंदगी का भविष्य उज्ज्वल बनाने के लिए जरूरी है कि दोनों एक-दूसरे के विश्वास की रक्षा करें और हमेशा बनाए रखें।