जब आपने अपना ब्लॉग बनाया था तब क्या आपने अपनी blogging की शुरुआत की थी? क्या blogging करना शुरुआत में ही सीखे गये? नहीं ऐसा हो ही नहीं सकता कि आपने अपना पहला ब्लॉग बनाया और आपकी blogging शुरू हो गई। आज हम एक जरूरी विषय के बारे में आपको बताने वाले है और आज आप जानोगे कि सही मायने में blogging की शुरुआत कब होती है। ब्लॉग बनाना बहुत ही आसान होता है, लेकिन जिन्होंने पहली बार अपना ब्लॉग बनाया है उन्हे पता है कि ये कितना आसान है और कितना नही।

शुरुआत में confusion तो होती है, और यही confusion को दूर करने के लिए हम इंटरनेट पर बहुत से गाइड और tutorial को follow भी करते है। शुरुआत में support की जरूरत होती है है चाहे आप हो या मैं, मुझे भी शुरुआत में support की जरूरत हुई और मैने इंटरनेट के जरिए अपने सभी डाउट भी clear किए।

जहां इंटरनेट हमारे डाउट को clear करने का काम करती है वहीं वो हमे confuse भी करती है, क्योंकि अगर आप कुछ इंटरनेट पर सर्च करते हो तो आपको उससे संबंधित लाखों वेबसाइट मिल जाएँगे जो अपने अलग-अलग अंदाज में आपको गाइड करती है। Blogging करने का सरल सा मतलब होता है कि आप अपने ब्लॉग पर पोस्ट (आर्टिकल) लिखो। पोस्ट लिखने के लिए आपकी knowledge और writing skill भी strong होनी चाहिए।

ज्यादातर ब्लॉगर अपने ब्लॉग पर पोस्ट लिखने में लगे रहते है, उन्हे अपने ब्लॉग पर सिर्फ़ पोस्ट की संख्या बढ़ाने से मतलब होता है।

आज मेरे एक blogger दोस्त से कॉल पर बात हो रही थी, उन्होने अपने ब्लॉग पर 500 से भी ज़्यादा पोस्ट पब्लिश कर दिए है और उसके ब्लॉग पर ट्रैफिक नहीं मिल रही। तो मैने उनसे कहा कि पहले blogging तो शुरू करो? जब तक blogging शुरू नहीं करोगे तब तक आपके ब्लॉग पर improvement कैसे होगा? वो confuse हो गया कि मैं क्या कह रहा हूं।

वैसे भी उसने अपने ब्लॉग पर 500 से ज़्यादा पोस्ट पब्लिश कर चुके है और मैं उनसे कह रहा हूं कि blogging शुरू करो? तो ऐसे में उनका confuse होना जायज है। आप भी यही सोचते होंगे कि blogging करने का मतलब तो अपने ब्लॉग पर पोस्ट पब्लिश करना होता है पर ये blogging शुरू करने का मतलब क्या हुआ?

आपको confuse होने की ज़रूता नही। आप अपने ब्लॉग पर जो भी पोस्ट पब्लिश करते हो या फिर अपने ब्लॉग पर जो भी काम करते हो उसी को blogging कहा जाता है, लेकिन blogging करने में भी 2 part में होता है।

  1. Getting knowledge and writing post
  2. Writing post to serve knowledge

इन दोनो part में जमीन आसमान का फर्क है। चलिए इन दोनो parts के बारे में आपको clearly बताते है।

Getting knowledge and writing post

इसके नाम से ही आप समझ गये होंगे कि इसका क्या मतलब होता है। जो भी new blogger भाई है वो इंटरनेट से ज्ञान लेते है और उसके जरिए ही अपना पोस्ट create करते है। ऐसा सभी blogger भाई शुरुआत में करते है। मान लीजिए कि आप किसी विषय में अपना ब्लॉग पोस्ट लिख रहे हो और आपको उसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है तो आप क्या करोगे, जी हाँ आप इंटरनेट पर उसके बारे में पूरी जानकारी लोगे और उसी ज्ञान को अपने ब्लॉग पोस्ट में शामिल करोगे।

ऐसा करने पर आप अपने ब्लॉग पर पोस्ट तो पब्लिश कर दोगे लेकिन क्या आपके पोस्ट में कोई नयी जानकारी होगी? नही, शुरुआत में writing skill की कमी के कारण हम वहीं ब्लॉग पोस्ट लिखते है जो पहले से इंटरनेट पर मौजूद है, हम कुछ नया करना ही नहीं चाहते है, इसकी वजह सिर्फ़ इतनी है कि हम writing में frequent नहीं है।

जैसे-जैसे आप खुद से ब्लॉग पोस्ट लिखने लगते हो वैसे-वैसे आपकी writing skill improve होती जाती है और यही से आप blogging के part 2 में jump करने लगते हो।

Writing post to serve knowledge

Blog बनाने के बाद शुरुआत में आपने इंटरनेट से ज्ञान लेकर अपना पोस्ट लिखा और ऐसे करते-करते जब आप blogging में frequent हो जाते हो तो आप खुद से ऐसे पोस्ट लिखने लगते हो जो knowledge serve करने का काम करती है। सही मायने में blogging तब शुरू होती है जब आप ऐसे विषय पर आर्टिकल लिखो जो इंटरनेट पे मौजूद ही ना हो और मौजूद भी हो तो आप उससे इतना बेहतर लिख देते हो कि वो खुद बा खुद new knowledge serve करने का काम करती है।

अब आप समझ ही गये होंगे कि सही मायने में blogging की शुरुआत कहा से होती है, और यही वो शुरुआत है जहां से आपका ब्लॉग लोकप्रिय होने लगता है। बस यही कारण है कि किसी भी ब्लॉग को लोकप्रिय होने में 1 से 2 साल का समय लगता ही है, क्यूंकी शुरुआत के 6 महीने तो ब्लॉग पर आर्टिकल लिखने और अपनी skill develop करने में गुजर जाती है।

ब्लॉग में ऐसे पोस्ट होने चाहिए जो सबसे अलग और informative हो। आज जब मैं इंटरनेट पर कोई blogging से संबंधित पोस्ट पढ़ता हूं तो मुझे उसमे कुछ ना कुछ कमी नजर जरूर आती है और इसी कमी को पूरा करने का काम acchibaat कर रही है।

शुरुआत में मैने जब AcchiBaat ब्लॉग बनाया था तो मैने ये सोचा था कि मुझे कुछ नया करना है, कुछ नया करने के चक्कर में उन सभी पोस्ट के बारे में लिखने लगा जो इंटरनेट पर है ही नही, अब आप ही सोचों कि जो पोस्ट इंटरनेट पर है ही नहीं उसके बारे में कोई कैसे लिख सकता है? इसके लिए खुद का अनुभव होना बहुत जरूरी है और खुद अनुभव बढ़ाने के लिए करने के लिए lower level से शुरुआत करनी ही होती है, यानी की Getting knowledge and writing post वाले part को follow करना ही होगा।

मैने भी वैसा ही किया, आप हमारे ब्लॉग के शुरुआत के 100 पोस्ट को देख सकते हो, हमने कुछ नयी जानकारी नहीं दी है, हमने तो बस इंटरनेट से knowledge gain किया और उसे आपके साथ share किया है। जैसे-जैसे information gain होती जाती है वैसे-वैसे अनुभव और writing skill भी improve होती जाती है, और आखिर में ऐसा हो जाता है कि आप इंटरनेट पर वहीं विषय सर्च करने लगते हो जो है ही नहीं और आप उसके बारे में पोस्ट लिखने लगते हो और तब से ही blogging की शुरुआत होती है।

ब्लॉग पर पोस्ट पब्लिश करना कोई बड़ी बात नहीं है लेकिन अगर आपके पोस्ट में quality है और आपका पोस्ट दूसरों से बेहतर है तो आप चाहे कोई सा भी पोस्ट लिख लो उसे लोग पसंद करेंगे। Blogging की शुरुआत तभी हो जाती है जब आप blogging करना सिख जाते हो यानी कि आप पोस्ट लिखना सिख जाते हो, तो चलिए वो सभी बातों को समझने की कोशिश करते है जिसे पढ़ने के बाद आप खुद समझ जाओगे कि क्या आप blogging करते हो?

सही मायने में blogging कब शुरू होती है?

ब्लॉग बनाने के बाद जब भी अपने ब्लॉग पर पोस्ट पब्लिश करते है और अपने ब्लॉग को manage करते है तो उसे blogging सीखना कहा जाता है। लेकिन क्या आपको पता है कि सही मायने में blogging की शुरुआत कब होती है? चलिए जानते है।

जब आप High Quality post लिखने लगते हो

अपने ब्लॉग पर पोस्ट तो सभी लिखते है पर कुछ लोग अपने ब्लॉग पोस्ट को इस तरह लिखते है कि उसमे quality आ जाती है और कुछ quality पोस्ट लिखते-लिखते पोस्ट में high quality आने लगती है, और ये सब process complete होने में कई महीने या फिर कई साल लग सकते है।

ये तो आप जानते ही हो कि ब्लॉग में पोस्ट लिखने ही मुख्य काम होता है और अगर आप अपने ब्लॉग में सिर्फ high quality पोस्ट लिखने लगो तो समझ जाना कि आपकी blogging start हो गई है।

जब आपके ब्लॉग पोस्ट में एक flow आने लगे

High quality पोस्ट की एक मुख्य ख़ासियत ये है कि जब कोई उस पोस्ट को पढ़ता है तो उसे पूरा जरूर पढ़ता है, यानी कि उस पोस्ट में एक flow आ जाती है जो readers को अपनी तरफ आकर्षित किए रहता है। अगर आप अपने ब्लॉग पर ऐसे पोस्ट पब्लिश करने लगे हो जिसमे flow है तो समझ जाओ कि आपकी blogging शुरू हो गई है।

मैं हमेशा कहता हूं कि जब भी अपने पोस्ट को पब्लिश करो उसे पहले उसे एक बार read कर लो, और जब आपको लगे कि आपका पोस्ट perfect है तो उसे पब्लिश करो।

जब आप ऐसे पोस्ट को लिखने लगो जो इंटरनेट पर है ही नही

अगर आपने अपने ब्लॉग सिर्फ़ 1 या 2 विषय पर बनाए है तो continue blogging करने से आप उस विषय पर expert होने लगते हो और आखिर में ऐसा होता है कि आप ऐसे-ऐसे विषय पर पोस्ट लिखते हो जो इंटरनेट पर है ही नही, और जब ऐसा होने लगे तो समझ जाइए कि आपकी blogging शुरू हो गई है।

जब आप ऐसे विषय पर पोस्ट लिखने लगते हो जो इंटरनेट पर मौजूद है

चाहे नए blogger हो या फिर professional blogger, वो अपने ब्लॉग पर बहुत से ऐसे पोस्ट जरूर पब्लिश करते है जो पहले से इंटरनेट पर है। इससे होता ये है कि जो पोस्ट पहले से इंटरनेट पर है उससे आप knowledge gain करके पोस्ट लिखते हो। लेकिन ऐसा करने पर आप पोस्ट तो लिख कर पब्लिश तो कर देते हो लेकिन अगर आपका पोस्ट दूसरों से बेहतर नहीं है तो आप सिर्फ टाइम पास कर रहे हो।

जब आप कोई ऐसा पोस्ट लिखते हो जो कि इंटरनेट पर पहले से मौजूद है और आप अपनी knowledge improve करने के लिए वो सभी पोस्ट को पढ़ते हो, अगर आपको दूसरों के पोस्ट पढ़ने पर उनके पोस्ट में कोई कमी लगती है और आप उनसे बेहतर अपना पोस्ट लिख सकते हो तो समझ जाओ कि आपकी blogging शुरू हो गई है।

इंटरनेट से knowledge लेकर पोस्ट तो सभी लिखते है लेकिन जो knowledge gain करके खुद के knowledge से पोस्ट को high quality पोस्ट बना पाते हैं वहीं सही मायने में blogging करना जानते है।

अगर आपको दूसरे के ब्लॉग पोस्ट को पढ़ने पर मजा ना आए

ऐसा बहुत कम ही होता है कि किसी दूसरे ब्लॉग पोस्ट को पढ़ने पर मज़ा ना आए और अगर आप किसी दूसरे के पोस्ट को पढ़ते हो और पढ़ने के बाद आप उदास हो जाते हो तो समझ जाए कि आप blogging की बारीकी को समझ गये हो। जब आप continue blogging करते हो तो आपकी writing skill develop होती है और आपके पोस्ट में एक flow आने लगता है, और जब ऐसा हो जाता है तो आप इंटरनेट में मौजूद दूसरों के पोस्ट में कमी निकालने लगते हो और आपके अंदर एक confident build होता है कि आप उनसे बहुत अच्छा और बेहतर पोस्ट लिख सकते हो।

मैं जब भी कोई पोस्ट लिखता हूं तो उसे इंटरनेट पर सर्च करके जरूर देखता हूं और जो भी पोस्ट मैं पढ़ता हूं उसमे कोई ना कोई कमी जरूर मिलती है, और यानि कमी को दूर करने के लिए मैं अपने ब्लॉग पोस्ट को दूसरों से बेहतर लिख सकता हूं।

आज भी हमारे ब्लॉग पर बहुत से गेस्ट पोस्ट आते है, लेकिन में ज्यादातर गेस्ट को accept नहीं करता, कारण यही है कि हमारा ब्लॉग इंटरनेट में मौजूद पोस्ट की कमीयो को दूर करने का काम करती है और ज्यादातर हमें ऐसे गेस्ट पोस्ट मिलते है जो आधे-अधूरे होते है।

आज का हमारा पोस्ट आपको कैसा लगा हमें कॉमेंट के जरिए जरूर बताए और ये भी बताए कि क्या आप सही मायने में blogging करते हो। मैं बहुत से ऐसे blogger भाइयों की जनता हूं जो मेरे साथ personally connected है और वो कई सालों से blogging कर रहे है, पर उनकी blogging अभी तक शुरू नहीं हुई। आप समझ ही गये होंगे की क्यों? जब तक आप सही मायने में blogging करना नहीं सिख जाते तब तक blogging करने में मजा नहीं आता और ना ही आपका ब्लॉग कभी उस मुकाम पर आ सकता है जहां पर आप अपने ब्लॉग को ले जाना चाहते हो। HAPPY BLOGGING